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  131- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है। - भारतेन्दु युग को । 132- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे। - महावीर प्रसाद द्विवेदी । 133- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है। - भाग्यवती । 134- सन् 1950 से पहले हिन्दी् कविता किस कविता के रूप में जानी जाती थी। - प्रयोगवादी । 135- ब्रज भाषा का सर्वोत्त‍म कवि है। - सूरदास । 136- आदिकाल के बाद हिन्दी में किस साहित्य का उदय हुआ । - भक्ति साहित्य का । 137- निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि है। - कबीरदास । 138- किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है। - भक्ति काल को । 139- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है। - स्व्यंभू । 140- आधुनिक काल का समय कब से माना जाता है। - 1900 से अब तक । 141- जयशंकर प्रसाद की सर्वश्रेष्ठ रचना कौन सी है। - कामायनी । 142- बिहारी ने क्या लिखे है। - दोहे । 143- कबीर किसके शिष्य थे। - रामानन्द । 144- पद्यावत महाकाव्य कौन सी भाषा में लिखा है। - अवधी । 145- चप्पू किसे कहा जाता है। - गद्य और पद्य मिश्रित रचनाओं को । 146- कलाधर उपनाम से कविता कौन से कवि लिखते थे। - जयशंकर प्रसाद । ...
 101. पश्चिमी हिंदी भाषा का विकास किस अपभ्रंश से हुआ ?  - शौरसेनी अपभ्रंश से 102. 'केंद्रीय हिंदी संस्थान' कहाँ है ? - आगरा में  103. देवनागरी किस प्रकार की लिपि है ?  - अक्षरात्मक  104 . छत्तीसगढ़ी के अन्य दो नाम क्या है ?  - लारिया और खलटाही  105.  बहुला भाषा कौन सी है ? - छत्तीसगढ़ी , बघेली , मगही , मैथिली  106. राजभाषा में क वर्ग के अनुसार कितने राज्य आते है ? । - 10  107 . भारतीय संविधान के अनुसार हिंदी भाषा को कब स्वीकृति मिली ?  - 14 सितम्बर 1949  108 . किस अनुच्छेद के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी होगी ?  - 343 अनुच्छेद के अनुसार  109 . केंद्रीय हिंदी निदेशालय की स्थापना कब हुई ? - 1960 में  110 . किस संसोधन के अनुसार चार भाषाओं को जोड़ा गया ? -  92 वें संसोधन के अनुसार  111. खस से किस भाषा का विकास हुआ ?  - पहाड़ी  112. हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की स्थापना कब हुई ?  - 1910  113 . जैन साहित्य किस भाषा मे लिखे गए ? - प्राकृत में  114 . हिंदी एक प्रहरी किसे कहा जाता है ?...
 हिंदी व्याकरण - २ लिंग  1. पुल्लिंग जिसके द्वारा किसी शब्द की पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं। जैसे - राम, काला, पहाड़, सोना। 2. स्त्रीलिंग जिसके द्वारा किसी शब्द की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं। जैसे - सीमा, अध्यापिका, एकादशी, लता। लिंग की पहचान लिंग की पहचान शब्दों के व्यवहार से होती है! तथ्य:- जिन शब्दों के अन्त में आँ, एँ लगा सके वो स्त्री लिंग होगा। शेष सभी पुल्लिंग होंगे। जिन शब्दों के अन्तिम व्यंजन पर बड़े ऊ व बड़ी ई कि मात्रा हो मुख्यतः स्त्री लिंग होते हैं! - पुलिंग प्राणीवाचक पुल्लिंग    पुरूष, मनुष्य,लड़का,कौवा, उल्लू, खटमल,तोता,बाज,सांप,मेंढ़क,गैण्डा,कछुआ,पशु,बैल,कुत्ता।     अप्राणिवाचक पुल्लिंग पर्वतों के नाम, महीनों के नाम, दिनों या वारों के नाम, ग्रहों के नाम, देशों के नाम, वृक्षों के नाम, अनाजों के नाम(अपवाद ज्वार), द्रव पदार्थों के नाम, समय सुचक नाम, देवताओं के नाम,धातुओं के नाम(अपवाद चांदी), समुद्रों के नाम मुख्य रूप से पुल्लिंग में आते हैं। इनके अलावा शरीर के अंगों के नाम भी पुल्लिंग में आते है लेक...
 हिन्दी व्याकरण -१ » समास की परिभाषा :-  - समास दो या दो से अधिक शब्दों के मिलने से बने शब्दों को सामासिक पद या समास कहते हैं। - समास के भेद समास के छह भेद होते हैं। 1. अव्ययीभाव समास 2. तत्पुरुष समास 3. कर्मधारय समास 4. द्विगु समास 5. द्वंद्व समास 6. बहुब्रीहि समास 1. अव्ययीभाव समास - जिस सामासिक शब्द में प्रथम पद प्रधान और पूरा पद अव्यय होता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं; जैसे- यथाशक्ति—शक्ति केअनुसार यथाशीघ्र—शीघ्रता से सपरिवार—परिवार सहित सानन्द—आनन्द सहित आजन्म—जन्म भर 2. तत्पुरुष समास – जिस सामासिक शब्द में दूसरे पद की प्रधानता होती है तथा विभक्ति चिन्ह लुप्त हो जाता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं; जैसे- यश प्राप्त- यश को प्राप्त हुआ सुखप्रद—सुख को देने वाला अजन्मांध—जन्म से अंधा जलमग्न—जल में मग्न आपबीती—अपने पर बीती 3. कर्मधारय समास - जिस सामासिक शब्द में उतर पद प्रधान होता हैं, उसे कर्मधारय समास कहते हैं। इसमे पूर्व पद विशेषण और उत्तर पद विशेष्य होता है; जैसे- नीलकमल—नीला हैं जो कमल महत्मा—महान हैं जो आत्मा पुरुषोत्तम—पुरुषों में उत्तम चरणकमल—कमल के समान चरण चन्द्र...

LT TET 13 December 2022

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LT TET 13 December 2022 HP LT TET के प्रश्न पत्र हेतु यहाँ 👇 क्लिक करें  https://drive.google.com/file/d/1DwzxO30h5BV42prjZo6xUGsBbsr0FHSj/view?usp=drivesdk उत्तरतालिका :- 
  वीर काव्य वह काव्य जिसमें आपको ओज, युद्ध और साहसिक कार्य देखने को मिले उसे वीर काव्य कहते हैं :- पृथ्वीराज रासो, हम्मीर रासो, कीर्ति लता इत्यादि
  प्रबन्ध काव्य जब किसी काव्य में एक कथा का सूत्र विभिन्न छंदों के माध्यम से जुड़ा रहे तो वह प्रबंध काव्य कहलाता है। प्रबन्ध काव्य में क्रमशः रूप से कोई कथा निबद्ध (जुड़ी) रहती है। उदाहरण - रामचरित मानस, पंचवटी, यशोधरा, कामायनी, सुदामा चरित ये सभी प्रबन्ध काव्य हैं।