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Showing posts from October, 2021

हिंदी साहित्य के 100 अतिमहत्वपूर्ण प्रश्न

  हिंदी साहित्य के 100 अतिमहत्वपूर्ण प्रश्न 1. निम्न में से किस रचना का नायक नेपाल का राजकुमार था ? (अ) चित्रावली✔️      (ब) रसरत्न (स) ज्ञानदीप             (द) इन्द्रावती 2. कुतुबन के गुरू का नाम था ? (अ) शेख तकी              (ब) शेख मोहिदी (स) शेख बुरहान ✔️      (द) शेख मासूम 3. निम्न में से आगमपुर की राजकुमारी थी ? (अ) रूपमंजरी      (ब) इन्द्रावती ✔️ (स) देवयानी         (द) चित्रावली 4. निम्न में से सर्वाधिक प्रेमाख्यान रचनाएँ लिखी ? (अ) नूरमोहम्मद    (ब) जानकवि ✔️ (स) नसीन            (द) शेखरहीम 5. ’उषा अनिरूद्ध’ के रचनाकार है ? (अ) जीवन लाल नागर  (ब) मुरलीदास (स) रामदास                (द) उपर्युक्त सभी ✔️ 6. ’नलदमन’ के रचयिता है ? (अ) सूरदास लखनवी ✔️    (ब) चतुर्भुज दास (स) सेवा राम                  ...

5000 हिंदी साहित्य के वन लाइनर प्रश्न -6

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  अपभ्रंश (आदिकाल) के कुछ महत्वपूर्ण कथन अपभ्रंश (आदिकाल) के कुछ महत्वपूर्ण कथन » "जाब ण आप जणिज्जइ, ताव ण सिस्स करेइ । अंधा अंघ कठाव तिम, वेण्ण विकूब पडेइ "॥ -सरहपा (दोहाकोश) (जब तक आप न जानिए तब तक शिष्य मत बनाइए, अंधा अंधे को निकालने की कोशिश करेगा , तो दोनों ही कूप में गिरेंगे.)  » "जहि मण पवण ण संचरइ, रवि ससि णाह पवेस तहि बट चित्त विसाम करु, सुरेहे कहिअ उबेस "॥ -सरहपा (दोहाकोश)  (जहाँ मन और पवन भी संचार नहीं करते, रवि और शशि का भी प्रवेश नहीं है, हे मूढ़ चित्त वहीं विश्राम करो सुरह ने (यह ) उपदेश दिया है.) » "आदि ण अंत ण मज्झणउ, णउ भव णउ णिब्बाण | एहु सो परममहासुह, णउ पर णउ अप्पाण "॥ -सरहपा (दोहाकोश)  (जिसका न आदि है, न मध्य है और न अंत है, इसका जन्म और निर्वाण भी नहीं है, यह वह परम महामुख है जिसके लिए न कोई पराया है और न अपना) » "लोघ गब्बु समुब्बहइ, हउ परमत्ये पवीण । कोटिह मज्झे एक्कु जइ, होइ णिरंजण-लीण"॥ -कण्डपा (दोहाकोश) (लोग गर्व करते हैं कि हम परमार्थ में प्रवीण हैं, पर करोड़ों के बीच कोई एक ही निरंजन लीन होता है.) » "सहजे णिच्चल ज...

हिंदी साहित्य के 1000 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, पार्ट-2

हिंदी साहित्य के 1000 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पार्ट-2 21. महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्यों का वृतान्त इस ग्रंथ में है? A) दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता B) भक्तमाल C) चौरासी वैष्णवन की वार्ता D) वचनामृत भक्तमाल 22. काशी में हम प्रगट भए – किसकी पंक्ति है? A) कबीर  B) तुलसी C) सूर D) रैदास कबीर 23. रासो शब्द की उत्पति 'रसायण' से किसने मानी है? A) गार्सा-द-तासी B) पं. रामनारायण दूगड C) आ० रामचंद्र शुक्ल D) पं. हरप्रसाद शास्त्री आ० रामचन्द्र शुक्ल 24. लक्षण ग्रंथ का क्या अर्थ होता है? A) नायिका भेद B) काव्यांग विवेचन C) रस निष्पत्ति काव्यांग विवेचन 25. निम्नलिखित कवियों में रीतिसिद्ध कौन है? A) बिहारी B) घनानंद C) मतिराम D) तोष बिहारी 26. 'अनुमितिवाद' के प्रतिपादक हैं? A) भरतमुनि B) आनंदवर्धन C) शंकुक D) अभिनव गुप्त शंकुक 27. निम्नलिखित में से कौन भारोपीय परिवार की भाषा नहीं है? A) मराठी B) गुजराती C) मलयालम D) हिन्दी मलयालम 28. ‘विश्ववजन की अर्चना में नहीं बाधक था इस व्यष्टि का अभिमान’ – किसकी पंक्ति है? A) भारतभूषण अग्रवाल  B) अज्ञेय C)नेमीचंद्र जैन D) त्रिलोचन भारत भूषण अग्रवाल 2...

भक्तिकाल टेस्ट - 1

  भक्तिकाल टेस्ट  1. 16वीं-17वीं शताब्दी के युग को ’हिन्दी काव्य का स्वर्ण युग’ किसने माना है ? (अ) गार्सा-द-तासी          (ब) जार्ज ग्रियर्सन (स) मिश्रबंधु                  (द) शिव सिंह सेंगर 2. भक्ति आंदोलन को इस्लाम की देन न मानकर दक्षिण के अलवार भक्तों की देन मानने वाले विद्वान कौन हैं ? (अ) हजारी प्रसाद द्विवेदी       (ब) मिश्रबंधु (स) डाॅ. रामकुमार वर्मा (द) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल 3. भक्ति आंदोलन को ईसाई धर्म के प्रभाव स्वरूप विकसित किसने माना है ? (अ) ग्रियर्सन ने                 (ब) रामचन्द्र शुक्ल ने (स) हजारी प्रसाद द्विवेदी ने      (द) आबिद हुसैन ने 4. ’’सगुणोपासक भक्त भगवान के सगुण और निर्गुण दोनों रूप मानता है, पर भक्ति के लिए सगुण रूप ही स्वीकार करता है, निर्गुण रूप ज्ञानमार्गियों के लिए छोड देता है’’ यह कथन किस आलोचक का है ? (अ) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (ब) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी (स) डाॅ. गणपति चन्द्र गुप्त (द) डाॅ. पित...