Posts

Showing posts from July, 2022
Image
 हिंदी साहित्य वन लाइनर  119. कुछ आलोचकों की नज़र में कौन सा कवि फैशनेबल प्रगतिशील था - नरेंद्र शर्मा 120. विश्वबंधु नामक पत्रिका लाहौर से प्रकाशित होती थी। जिसमें नागार्जुन की खड़ी बोली कि पहली रचना 'राम के प्रति' प्रकाशित हुई थी। 121. त्रिलोचन को मुक्तिबोध ने 'अवध का किसान' कहा है। 122. कविता 'अमोला' और 'भस्मांकुर' बरवै छंद में रची गई है। 123. प्रगतिशील लेखक संघ के अंतिम अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ निहार रंजन राय ने की। 124. "प्रयोगशील कवि मोती खोजने वाले गोताखोर हैं" - अज्ञेय जी 125. अज्ञेय जी को हज़ारी प्रसाद द्विवेदी जी ने 20 वीं सदी का बाणभट्ट कहा है। 126. पटना से पाटल नामक मासिक पत्र प्रकाशित होता थी । 127. "नई कविता में समग्र मनुष्य की बात नहीं की गई है वरन मनुष्य के समग्र अनुभव खंडों को संयोजित किया गया है" - रामस्वरूप चतुर्वेदी 128. युगचेतना/लखनऊ से, कल्पना/हैदराबाद से, ज्ञानोदय/कलकत्ता से निकलने वाली पत्रिका थी। 129. नई कविता के 4 प्रमुख तत्व हैं - आधुनिकता में आस्था, मुक्त यथार्थ, बुद्धिवाद, क्षणवादी समसामयिकता #ExamVivechna Ex...

अलंकार संक्षिप्त परिचय,

Image
👉👉 अलंकार   *अलंकार – ” काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व अलंकार कहे जाते हैं ! “* *अलंकार के तीन भेद हैं –* *1. शब्दालंकार – ये शब्द पर आधारित होते हैं ! प्रमुख शब्दालंकार हैं – अनुप्रास , यमक , शलेष , पुनरुक्ति , वक्रोक्ति आदि !* *2. अर्थालंकार – ये अर्थ पर आधारित होते हैं ! प्रमुख अर्थालंकार हैं – उपमा , रूपक , उत्प्रेक्षा, प्रतीप , व्यतिरेक , विभावना , विशेषोक्ति ,अर्थान्तरन्यास , उल्लेख , दृष्टान्त, विरोधाभास , भ्रांतिमान आदि !* *3.उभयालंकार- उभयालंकार शब्द और अर्थ दोनों पर आश्रित रहकर दोनों को चमत्कृत करते हैं!* *1- उपमा – जहाँ गुण , धर्म या क्रिया के आधार पर उपमेय की तुलना उपमान से की जाती है* 👉जैसे – हरिपद कोमल कमल से । हरिपद ( उपमेय )की तुलना कमल ( उपमान ) से कोमलता के कारण की गई ! अत: उपमा अलंकार है ! *2- रूपक – जहाँ उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप किया जाता है !* 👉 जैसे – अम्बर पनघट में डुबो रही ताराघट उषा नागरी । आकाश रूपी पनघट में उषा रूपी स्त्री तारा रूपी घड़े डुबो रही है ! यहाँ आकाश पर पनघट का , उषा पर स्त्री का और तारा पर घड़े का आरोप होने से रूपक अलंकार है ! *3- उत्प...