- इस बार के (2025) ज्ञान पीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल हैं - जिन्हें 2025 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा - जो हिंदी साहित्य में यह पुरस्कार पाने वाले 12वें साहित्यकार हैं. - विनोद कुमार शुक्ल एक प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार, कवि, उपन्यासकार और कहानीकार हैं. - ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जो साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है. - विनोद कुमार शुक्ल को 2025 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा. - शुक्ल को हिंदी साहित्य में उनके अद्वितीय योगदान, सृजनात्मकता और विशिष्ट लेखन शैली के लिए पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है. विनोद कुमार शुक्ल को संपूर्ण रखनाएँ: कविता हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था, जो मेरे घर कभी नहीं आएँगे, प्रेम की जगह अनिश्चित है, आँख बंद कर लेने से, अपने हिस्से में लोग आकाश देखते हैं उद्धरण : अधिकतर अज्ञानता के सुख-दुःख की आदत थी। ज्ञान के सुख-दुःख बहुतों को नहीं मालूम थे। जबकि ज्ञान असीम अटूट था। ज्ञान सुख की समझ देता था पर सुख नहीं देता था। गंदगी वहाँ है जहाँ सफाई और संपन्नता है, यह...
Hindi Sahitya Practice Set - 1 1. 'पउमचरिउ' किसकी रचना है ? (A) अब्दुल रहमान (B) विद्यापति (C) स्वयम्भू (D) चन्द वरदायी 2. गोस्वामी तुलसीदास की रचना 'कवितावली' किस भाषा की रचना है ? (A) अवधी (B) ब्रजभाषा (C) मैथिली (D) बुन्देली 3. 'खड़ी बोली' के लिए सुनीतिकुमार चटर्जी ने किस शब्द का प्रयोग किया है ? (A) जनपदीय हिन्दुस्तानी (B) वर्नाक्युलर हिन्दुस्तानी (C) कौरवी (D) रेख़्ता 4. सूफी प्रेमाख्यानक काव्य-परम्परा में 'आराध्य' को प्रायः किस रूप में देखा गया है ? (A) गुरु के रूप में (B)प्रेमी के रूप में (C) सखा के रूप में (D) प्रेमिका के रूप में 5. छायावाद को 'स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह' किसने कहा है ? (A) पन्त (B) डॉ. नगेन्द्र (C) रामचन्द्र शुक्ल (D) जयशंकर प्रसाद 6. निम्नलिखित में से कौन 'मिश्र बन्धुओं' में नहीं हैं? (A) कृष्णबिहारी मिश्र (B)श्यामबिहारी मिश्र (C)गणेशबिहारी मिश्र (D)शुकदेव बिहारी मिश्र 7.'रस गंगाधर' के रचयिता कौन हैं ? (A)अभिनवगुप्त (B) दण्डी (C)पंडितराज जगन्नाथ (D) आचार्य विश्वनाथ 8. निम्नलिखित में से कौन 'त...
Target HP TGT ARTS Commission 2025 🔴 प्राचीन इतिहास (1206 ई. तक) प्रागैतिहास; पुरापाषाण संस्कृतियाँ; मध्यपाषाण संस्कृतियाँ-कालानुक्रमिक क्रम और भौगोलिक वितरण; ताम्रपाषाण संस्कृति का आगमन: हड़प्पा सभ्यता, उत्पत्ति, विस्तार, नगर नियोजन, राजनीतिक और आर्थिक संगठन की प्रकृति और पतन। प्राचीन इतिहास में प्रागैतिहासिक काल (25 लाख ईसा पूर्व से 1200 ईसा पूर्व) के तहत प्रागैतिहास, पुरापाषाण (लगभग 20 लाख ईसा पूर्व से 10,000 ईसा पूर्व) और मध्यपाषाण संस्कृतियाँ शामिल हैं, जो मुख्य रूप से शिकारी-संग्राहक थे और कच्चे पत्थरों के औजारों का उपयोग करते थे। इसके बाद, ताम्रपाषाण युग आया, जब पत्थर और तांबे के औजारों का साथ-साथ उपयोग किया जाता था। इसी युग में हड़प्पा सभ्यता (लगभग 2500-1900 ईसा पूर्व) का उदय, विकास और पतन हुआ, जिसमें नियोजित नगर, राजनीतिक और आर्थिक संगठन शामिल थे। प्रागैतिहास: कालानुक्रमिक क्रम और भौगोलिक वितरण पुरापाषाण काल (लगभग 20 लाख ईसा पूर्व - 10,000 ईसा पूर्व): अवधि: यह प्रागैतिहासिक काल का सबसे लंबा और प्रारंभिक चरण है। जीवनशैली: आदिमानव शिकारी-संग्राहक थे, जो गुफाओं में रहते थे...
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