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HP TET Language Teacher  Question Paper  Held on 26 august 2020 Part -2  13. ‘चरण-कमल बन्दौ हरिराई’ पक्ति में कौन-सा अलंकार है? (A) उत्प्रेक्षा (B) यमक (C) रूपक (D) सन्हेंद ✅ ‘चरण-कमल बंदौ हरिराई’ पंक्ति में रूपक अलंकार है, क्योंकि इसमें चरण (उपमेय) और कमल (उपमान) में कोई भेद न दिखाकर, दोनों को एक ही रूप में प्रस्तुत किया गया है, यानी चरणों को कमल का रूप दे दिया गया है। उदाहरण की व्याख्या: उपमेय: चरण (प्रस्तुत, जिसकी बात हो रही है)। उपमान: कमल (जिससे तुलना की जा रही है)। अलंकार: रूपक अलंकार वह होता है, जहाँ उपमेय को उपमान के रूप में कर दिया जाए, यानी उपमेय और उपमान में अभेद आरोप हो। यहाँ ‘चरण-कमल’ में चरणों को कमल के समान न बताकर उन्हें कमल की एकरूपता दे दी गई है, इसलिए यहाँ रूपक अलंकार है। 14. ‘पवित्र’ शब्द का सन्धि विच्छेद है: (A) पो+इत्र (B) पौ+इत्र (C) पव्+इत्र (D) पौ+ईत्र ✅ ‘पवित्र’ शब्द का सही सन्धि विच्छेद (A) पो+इत्र है, क्योंकि अयादि संधि के नियम के अनुसार ‘ओ’ का परिवर्तन ‘अव’ में होता है। जब ‘पो’ (जिसमें ‘ओ’ स्वर है) का मेल ‘इत्र’ (जिसमें ‘इ’ स्वर है) से हो...
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 HP TET Language Teacher  Question Paper  Held on 26 august 2020 Part -1 🔴 1. 'स्नेह निर्झर बह गया है' कविता के रचयिता हैं : (A) प्रसाद (B) पंत (C) महादेवी वर्मा (D) निराला ✅ 'स्नेह निर्झर बह गया है' कविता के रचयिता (D) निराला हैं, जो सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के नाम से भी जाने जाते हैं। यह उनकी एक प्रसिद्ध कविता है जो उनके अणिमा नामक काव्य-संग्रह में संकलित है।   विस्तार से: रचयिता: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'।  काव्य संग्रह: अणिमा।  कविता की पंक्ति: इस कविता की शुरुआती पंक्तियाँ हैं, "स्नेह-निर्झर बह गया है, रेत ज्यों तन रह गया है"।  विषय: इस कविता में कवि ने समय के महत्व और प्रेम के भाव के धीरे-धीरे खत्म होने पर प्रकाश डाला है।  🔸 कवि "सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'"  🌿 परिचय : पूरा नाम: सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ जन्म: 21 फरवरी 1896 ई०, महिषादल (जिला मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) मृत्यु: 15 अक्टूबर 1961 ई०, इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) पिता: पंडित रामसहाय त्रिपाठी माता: जीयादेवी 🌻 जीवन परिचय : सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ का जन्म बंगाल ...
HP TGT Arts Commission  2019 का हल प्रश्न पत्र  Part=4 इतिहास के प्रश्न  Fully Explained Questions PYQ सीरीज 🔴 50. 1931 के दूसरे गोल मेज सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया था ? (A) अरुणा आसफ अली (B) सुचेता कृपलानी (C) सरोजिनी नायडू (D) कल्पना जोशी ✅ 1931 के दूसरे गोल मेज सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व सरोजिनी नायडू ने किया था, जिन्होंने भारतीय महिलाओं का प्रतिनिधित्व किया था, जबकि महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था।  विस्तृत जानकारी कौन था? सरोजिनी नायडू।  सम्मेलन: दूसरा गोल मेज सम्मेलन।  स्थान और समय: यह सम्मेलन लंदन में 1931 में आयोजित किया गया था।  भूमिका: उन्हें भारतीय महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए चुना गया था।  सम्मेलन का उद्देश्य: इस सम्मेलन में भारत के लिए संवैधानिक सुधारों पर चर्चा हुई थी।  अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति: महात्मा गांधी भी इस सम्मेलन में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने गए थे। 🔴 51. बिन्दुसार ने अशोक को निम्न विद्रोह के दमन के लिए भेजा था (A) स्वर्णगिरि (C) उज्जैन (B) तक्षशिला (D) तो...
 भूगोल के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर प्रश्नः- सर्वप्रथम 'भूगोल' शब्द का प्रयोग किस ग्रीक विद्वान् ने किया था? उत्तरः- एराटोस्थनीज ने (276-194 ई.पू.) (CDS 2019) प्रश्नः- 'मानव भूगोल का पिता' किसे कहा जाता है? उत्तर:- फ्रेडरिक रेटजेल को (MPPSC 2018) प्रश्नः- नियतिवाद (Determinism) सिद्धांत के प्रतिपादक कौन थे? उत्तरः- हम्बोल्ट व रिटर प्रश्नः- 'द न्यू वर्ल्डः प्रॉब्लम्स इन पॉलिटिकल ज्योग्राफी' पुस्तक किसने लिखी? उत्तरः- ईसा बोमन (HPSC (Pre) 2022) प्रश्नः- ब्रह्मांड के निर्माण का मूल कारण किसे माना गया है? उत्तरः- गॉड पार्टिकल (हिग्स बोसॉन) को प्रश्नः- ब्रह्मांड की उत्पत्ति की व्याख्या कौन-सा सिद्धांत करता है? उत्तरः- महाविस्फोट सिद्धांत (NDA 2019) प्रश्नः- प्रायद्वीपीय ब्रह्मांड किसे कहा जाता है? उत्तरः- आकाशगंगा को प्रश्नः- आकाशगंगा किस रूप में वर्गीकृत की गई है? उत्तरः- सर्पिलाकार गैलेक्सी के रूप में प्रश्नः- आकाश मंडल में कुल नक्षत्रों की संख्या कितनी है? उत्तर:- 27 (HSSC 2019) प्रश्नः- किस तारामंडल को शिकारी भी कहा जाता है? उत्तरः- ओरियन (SSC CHSL (T-1) 2023) प्रश्...
 कहानी इंशाअल्ला खाँ --रानी केतकी की कहानी राजा शिवप्रसाद 'सितारे-हिंद'--राजा भोज का सपना भारतेंदु --अदभुत अपूर्व सपना राजा बाला घोष (बंगमहिला) - दुलाईवाली किशोरीलाल गोस्वामी--इंदुमती, गुलबहार माधवप्रसाद मिश्र-मन की चंचलता भगवानदीन--प्लेग की चुड़ैल रामचंद्र शुक्ल -- ग्यारह वर्ष का समय राधिकारमण प्रसाद सिंह-कानों में कंगना चंद्रधारी शर्मा गुलेरी -- सुखमय जीवन, बुद्धू का काँटा, उसने कहा था वृंदावनलाल वर्मा -- राखीबंद भाई विश्वंभरनाथ शर्मा 'कौशिक' - रक्षाबंधन, ताई, चित्रशाला (दो भाग), गल्प मंदिर, मंगली, प्रेम प्रतिमा, कल्लोल, मणिमाला मुंशी प्रेमचंद -- पंचपरमेश्वर, सौत, बेटों वाली विधवा, सज्जनता का दण्ड, ईश्वरीय न्याय, रानी सारंधा, आत्माराम, बूढी काकी, ईदगाह, पूस की रात, शतरंज के खिलाड़ी, कजाकी, अलग्योझा, तावान, ठाकुर का कुआँ, कफन; सप्त सरोज (कहानी संग्रह), मान सरोवर-8 भागों में (कहानी-संग्रह) जयशंकर प्रसाद-ग्राम, छाया (कहानी संग्रह), इंद्रजाल, आकाशदीप, आँधी, सुनहरा साँप, सालवती, मधुवा, गुंडा, पुरस्कार, चूड़ी वाली नीरा, प्रतिध्वनि, देवरथ सुदर्शन -- सुदर्शन सुधा, तीर्थयात्रा...
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  देवरानी जेठानी की कहानी उपन्यास समीक्षा  🔴 'देवरानी जेठानी की कहानी' उपन्यास पंडित गौरीदत्त द्वारा लिखा गया है और हिन्दी के पहले उपन्यासों में से एक माना जाता है 🔴 प्रकाशन वर्ष 1870 है।  🔴 यह उपन्यास मध्यवर्गीय बनिया समाज की पारिवारिक, सामाजिक और स्त्री-जीवन की समस्याओं का यथार्थ चित्रण करता है। 🔴 उपन्यास का कथानक विस्तार - इस उपन्यास की कहानी मेरठ शहर के एक अग्रवाल बनिया 'सर्वसुख' के परिवार पर केंद्रित है, जिसके दो बेटे — दौलतराम (बड़े) और छोटेलाल (छोटे) तथा दो बेटियाँ — पार्वती और सुखदेई हैं। परिवार में दो बहुएँ हैं — जेठानी ज्ञानो (दौलतराम की पत्नी, अनपढ़ और लालची प्रवृत्ति की) और देवरानी आनंदी (छोटेलाल की पत्नी, पढ़ी-लिखी, संस्कारी और समझदार)। 🔴 प्रमुख पात्रसर्वसुख: परिवार का मुखिया व नायक।दौलतराम: बड़ा बेटा। छोटेलाल: छोटा बेटा। ज्ञानो (जेठानी): दौलतराम की पत्नी, अनपढ़ और आलोचनात्मक स्वभाव वाली। आनंदी (देवरानी): छोटेलाल की पत्नी, शिक्षित, बौद्धिक और सहनशील। अन्य पात्र: कन्हैया, नन्हे, मोहन, शिवदयाल आदि। 🔴 सामाजिक मुद्दों का चित्रण- यह उपन्यास मुख्यतः निम्नलि...
TGT ARTS 795 1. इतिहास के स्रोत के रूप में साहित्यिक ग्रन्थों की अपेक्षा अभिलेखों का बृहत् महत्त्व हैं, क्योंकि ये (A) शासक वंशों से सम्बन्धित होते हैं। (B) तारीख प्रदान करते हैं। - (C) राजनैतिक घटनाओं को अभिलेखित करते हैं। (D) सार्वजनिक अनुदान का उल्लेख करते हैं। 2.  हड़प्पा शहरों के घरों के व्यवस्थापन के बारे में विशिष्ट विशेषता है कि इन्होंने अपनाया/थी था/थी A) ग्रिड सिस्टम -  (B) क्रॉस रोड (C) एंग्यूलर सिस्टम (D) सर्कुलर रोड़ 3. ऋग्वैदिक काल में दैनिक प्रशासन में राजा को सहायता देने के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अधिकारी था (A) विधि अधिकारी (B) कर संग्राहक (C) पुरोहित - (D) सेनानी 4. वेदांग में शामिल हैं (A) कल्प, शिक्षा, निरुक्त, व्याकरण, छन्द, ज्योतिष - (B) कल्प, शिक्षा, ब्राह्मण, व्याकरण, छन्द, ज्योतिष (C) कल्प, शिक्षा, निरुक्त, आरण्यक, छन्द, ज्योतिष (D) इनमें से कोई नहीं 3 किसे 'कुनिक' से भी जाना जाता है? (A) प्रसेनजित (B) गौतम बुद्ध (C) बिम्बिसार (D) अजातशत्रु - 6. जातक और धम्मपाद सूत्त पिटक के किस निकाय में पाए जाते हैं? (A) दीघ निकाय (B) मज्जिम निकाय (C) संयुत्त निकाय...