मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित ' - गोदान

मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित ' - गोदान
' (1936) ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति का महाकाव्य माना जाता है। आपकी तैयारी के लिए यहाँ उपन्यास के सूक्ष्म पहलुओं पर आधारित 100 कठिन 
  1. होरी का पूरा नाम क्या है?
    • उत्तर: होरी महतो।
    • व्याख्या: वह एक सीमांत किसान है जो मर्यादा और परंपराओं के बोझ तले दबा हुआ है।
  2. गोबर का असली नाम क्या था और वह कितने वर्ष बाद लखनऊ से लौटा?
    • उत्तर: गोवर्धन; वह 1 वर्ष बाद लौटा。
    • व्याख्या: गोबर नई पीढ़ी का प्रतीक है जो पुरानी रूढ़ियों को चुनौती देता है।
  3. मिस मालती ने कहाँ से शिक्षा प्राप्त की थी?
    • उत्तर: इंग्लैंड।
    • व्याख्या: वह आधुनिक, शिक्षित और स्वतंत्र नारी का प्रतिनिधित्व करती है।
  4. राय साहब अमरपाल सिंह कहाँ के जमींदार थे?
    • उत्तर: सेमरी गाँव के।
  5. होरी के पास कुल कितनी जमीन थी?
    • उत्तर: पाँच बीघा।
    • व्याख्या: यह उसकी गरीबी और सीमित संसाधनों को दर्शाता है।
  6. प्रोफेसर मेहता किस विषय के विद्वान थे?
    • उत्तर: दर्शनशास्त्र (Philosophy)।
  7. झुनिया किसकी बेटी थी?
    • उत्तर: भोला अहीर की।
  8. दातादीन कौन था?
    • उत्तर: गाँव का एक शोषक ब्राह्मण और साहूकार।
  9. गोविंदी किसकी पत्नी थी?
    • उत्तर: मिस्टर खन्ना की।
  10. सिलिया किस जाति की कन्या थी?
    • उत्तर: चमार (दलित)।
  11. मातादीन और सिलिया के संबंधों का विरोध किसने किया?
    • उत्तर: गाँव के कट्टरपंथी ब्राह्मणों ने।
  12. होरी के भाइयों के नाम क्या थे?
    • उत्तर: हीरा और शोभा।
  13. हीरा ने होरी की गाय को जहर क्यों दिया?
    • उत्तर: आपसी ईर्ष्या और जलन के कारण।
  14. नोखेराम कौन था?
    • उत्तर: राय साहब का कारिंदा जो किसानों का शोषण करता था।
  15. मिस्टर खन्ना का मुख्य व्यवसाय क्या था?
    • उत्तर: वह एक बैंकर और शक्कर मिल के मालिक थे।
  1. उपन्यास की मुख्य समस्या क्या मानी जाती है?
    • उत्तर: ऋण (कर्ज) की समस्या।
  2. होरी की सबसे बड़ी आकांक्षा क्या थी?
    • उत्तर: एक पछाईं गाय पालने की。
  3. होरी पर पंचों ने कितने का दंड लगाया था?
    • उत्तर: अस्सी रुपये और अनाज का दंड।
    • व्याख्या: यह दंड झुनिया को घर में पनाह देने के कारण लगाया गया था।
  4. गोबर शहर क्यों भाग गया था?
    • उत्तर: झुनिया के गर्भवती होने पर बदनामी और दंड के डर से।
  5. राय साहब ने होरी को धनुष-यज्ञ के अवसर पर क्या पात्र बनने को कहा था?
    • उत्तर: माली।
  6. होरी की मृत्यु कैसे हुई?
    • उत्तर: अत्यधिक श्रम और लू लगने (लू-ताप) के कारण।
  7. 'गोदान' की रस्म किसने पूरी की?
    • उत्तर: धनिया ने सवा बीस आने देकर सांकेतिक रूप से पूरी की।
  8. मिस्टर खन्ना की मिल में आग लगने का क्या कारण था?
    • उत्तर: मजदूरों का असंतोष और हड़ताल।
  9. प्रोफेसर मेहता और मालती के बीच मुख्य मतभेद क्या था?
    • उत्तर: नारी की स्वतंत्रता और सामाजिक भूमिका को लेकर।
  10. उपन्यास में 'रंगा सियार' किसे कहा गया है?
    • उत्तर: राय साहब को (गोबर द्वारा)।
  1. "कर्ज वह मेहमान है जो एक बार आता है, फिर जाने का नाम नहीं लेता" - यह किसका विचार है?
    • उत्तर: प्रेमचंद (लेखक का अपना विचार/संवाद)।
  2. "नारी केवल त्याग की मूर्ति है" - यह विचार किसका है?
    • उत्तर: प्रोफेसर मेहता का।
  3. होरी के चरित्र की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?
    • उत्तर: उसकी अत्यधिक धर्मभीरुता और मर्यादा का मोह।
  4. धनिया का चरित्र किस बात के लिए जाना जाता है?
    • उत्तर: निडरता और संघर्षशीलता के लिए।
  5. उपन्यास में शहर और गाँव के बीच की कड़ी कौन है?
    • उत्तर: राय साहब और गोबर。
  1. उपन्यास में किस प्रकार की शासन व्यवस्था का चित्रण है?
    • उत्तर: औपनिवेशिक शासन (Colonial rule)।
  2. 'गोदान' किस कालखंड की रचना है?
    • उत्तर: 1930 के दशक की (प्रकाशित 1936)।
  3. उपन्यास में महाजनी व्यवस्था का क्या प्रभाव दिखाया गया है?
    • उत्तर: किसानों का निरंतर शोषण और पतन।
  4. जातिवाद की समस्या किस पात्र के माध्यम से दिखाई गई है?
    • उत्तर: मातादीन और सिलिया के माध्यम से।
  5. उपन्यास में नारी उत्पीड़न का उदाहरण कौन है?
    • उत्तर: झुनिया और सिलिया।
  6. होरी का अंत 'त्रासद' क्यों है?
    • उत्तर: क्योंकि उसकी जीवनभर की छोटी सी इच्छा (गाय) भी पूरी नहीं हो पाती।
  7. क्या होरी एक 'आदर्शवादी' पात्र है?
    • उत्तर: नहीं, वह एक 'यथार्थवादी' पात्र है जो विवशताओं से घिरा है।
  8. गोबर का शहर जाना क्या संकेत देता है?
    • उत्तर: शहरीकरण और गाँव के मोहभंग का प्रतीक।
  9. मिस्टर मेहता किस प्रकार के जीवन के पक्षधर हैं?
    • उत्तर: बौद्धिक और सेवाभावी जीवन के।
  10. मिस मालती के स्वभाव में क्या बदलाव आता है?
    • उत्तर: वह विलासिता से हटकर सेवा की ओर मुड़ती है।
साहित्यिक और अन्य तथ्य (Literary Facts)
  1. प्रेमचंद का अंतिम पूर्ण उपन्यास कौन सा है?
    • उत्तर: गोदान।
  2. गोदान को "कृषि संस्कृति का महाकाव्य" क्यों कहते हैं?
    • उत्तर: क्योंकि यह किसान के पूरे जीवन-चक्र को विस्तार से चित्रित करता है।
  3. उपन्यास की भाषा शैली कैसी है?
    • उत्तर: मुहावरेदार और सजीव ग्रामीण भाषा।
  4. क्या गोदान में 'गाँधीवाद' का प्रभाव है?
    • उत्तर: हाँ, प्रोफेसर मेहता के विचारों में सेवा और हृदय परिवर्तन का भाव दिखता है।
  5. प्रेमचंद का अधूरा उपन्यास कौन सा है?
    • उत्तर: मंगलसूत्र।
  6. होरी के पुत्र और पुत्रियों की संख्या कितनी थी?
    • उत्तर: एक पुत्र (गोबर) और दो पुत्रियाँ (सोना, रूपा)।
  7. सोना का विवाह किसके साथ हुआ?
    • उत्तर: मथुरा के साथ।
  8. रूपा का विवाह किसके साथ हुआ?
    • उत्तर: रामसेवक के साथ (जो उससे उम्र में काफी बड़े थे)।
  9. क्या गोदान में दलित चेतना का स्वर है?
    • उत्तर: हाँ, सिलिया के विद्रोह और मातादीन के प्रायश्चित के माध्यम से।
  10. गोदान उपन्यास का मुख्य संदेश क्या है?
    • उत्तर: शोषक व्यवस्था के विरुद्ध एकजुट होने और रूढ़ियों को त्यागने का संकेत。


मुंशी प्रेमचंद के 
'गोदान' से संबंधित ये अगले 50 कठिन और सूक्ष्म प्रश्न आपकी तैयारी को और गहरा करेंगे:
गहन पात्र विश्लेषण (Deep Character Analysis)
  1. होरी के मन में 'गाय' केवल दूध के लिए नहीं थी, बल्कि किस भाव का प्रतीक थी?
    • उत्तर: सामाजिक प्रतिष्ठा और धार्मिक मुक्ति (वैतरणी पार करने) का प्रतीक।
  2. धनिया ने जमींदार के कारिंदों को गाली क्यों दी थी?
    • उत्तर: जब वे जबरन लगान वसूलने आए थे, तब धनिया के आत्मसम्मान और विद्रोह ने उसे बोलने पर मजबूर किया।
  3. मिस्टर खन्ना की पत्नी 'गोविंदी' को 'कामधेनु' क्यों कहा गया है?
    • उत्तर: क्योंकि वह शांत, सहनशील और निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति थी।
  4. होरी ने मातादीन को थप्पड़ क्यों नहीं मारा, जबकि उसने सिलिया के साथ अन्याय किया था?
    • उत्तर: अपनी धर्मभीरुता और ब्राह्मण के प्रति संस्कारगत श्रद्धा के कारण।
  5. सरोज कौन है और उसका मालती से क्या संबंध है?
    • उत्तर: सरोज मालती की छोटी बहन है।
  6. मिस्टर तंखा का उपन्यास में मुख्य काम क्या है?
    • उत्तर: वह एक 'दलाल' (Man of affairs) है जो चुनाव लड़वाने और सौदेबाजी का काम करता है।
  7. दातादीन का बेटा मातादीन अंत में सिलिया के साथ क्यों रहने लगा?
    • उत्तर: क्योंकि दलितों द्वारा उसके मुँह में हड्डी डाल देने पर वह जातिभ्रष्ट हो गया और समाज ने उसे त्याग दिया।
  8. ओंकारनाथ कौन थे और वे किस पत्र के संपादक थे?
    • उत्तर: वे 'बिजली' पत्र के संपादक थे, जो आदर्शवाद का ढोंग करते थे।
  9. मिस्टर खन्ना मालती की ओर क्यों आकर्षित थे?
    • उत्तर: मालती की आधुनिकता, वाकपटुता और चंचलता के कारण।
  10. पंडित नोखेराम की शक्ति का मुख्य स्रोत क्या था?
    • उत्तर: राय साहब की ओर से मिली कारिंदागिरी और ग्रामीणों की अज्ञानता।
सामाजिक-आर्थिक ढांचा (Socio-Economic Structure)
  1. होरी ने भोला से गाय किस शर्त पर ली थी?
    • उत्तर: उधार पर, इस वादे के साथ कि वह भोला की सगाई करा देगा।
  2. उपन्यास में 'पछाईं गाय' की कीमत कितनी तय हुई थी?
    • उत्तर: अस्सी रुपये।
  3. होरी के पास कितने रुपये का कुल कर्ज था?
    • उत्तर: लगभग दो सौ रुपये, जो ब्याज के जाल में फंसकर बढ़ता ही गया।
  4. मजदूरी करने के दौरान होरी को प्रतिदिन कितना पैसा मिलता था?
    • उत्तर: मात्र तीन आने।
  5. गोबर ने शहर जाकर कौन सा काम शुरू किया?
    • उत्तर: पहले मजदूरी, फिर खोमचा (चाट) लगाना और बाद में लेबर यूनियन से जुड़ा।
  6. राय साहब अपनी प्रजा को क्यों लूटते थे, जबकि वे स्वयं को प्रगतिशील कहते थे?
    • उत्तर: अपनी शान-शौकत, कानूनी मुकदमों और विलासिता के खर्चों को पूरा करने के लिए।
  7. 'पंच' व्यवस्था पर प्रेमचंद ने क्या चोट की है?
    • उत्तर: पंचों का स्वार्थ और पक्षपात (गरीबों पर दंड, अमीरों को छूट)।
  8. होरी की बेटी रूपा का विवाह बूढ़े रामसेवक से क्यों हुआ?
    • उत्तर: क्योंकि रामसेवक ने कर्ज चुकाने और विवाह का खर्च उठाने का आश्वासन दिया था।
  9. उपन्यास में 'शक्कर मिल' किसका प्रतीक है?
    • उत्तर: बढ़ते हुए औद्योगीकरण और पूँजीवाद का।
  10. ग्रामीण कर्ज का सबसे भयानक पक्ष क्या दिखाया गया है?
    • उत्तर: ब्याज की दर, जो मूलधन से कई गुना अधिक हो जाती थी।
दार्शनिक और वैचारिक प्रश्न (Philosophical Questions)
  1. प्रोफेसर मेहता के अनुसार 'विवाह' क्या है?
    • उत्तर: एक समझौता, जिसे निभाने के लिए समर्पण चाहिए।
  2. मालती के जीवन में 'परिवर्तन' का मुख्य कारण क्या था?
    • उत्तर: मेहता के विचारों का प्रभाव और गरीबों की सेवा का अनुभव।
  3. धनिया और होरी के बीच मुख्य वैचारिक मतभेद क्या है?
    • उत्तर: धनिया विद्रोही और यथार्थवादी है, जबकि होरी दब्बू और परंपरावादी है।
  4. 'गोदान' को एक 'दुखांत' (Tragedy) क्यों कहा जाता है?
    • उत्तर: क्योंकि मुख्य पात्र (होरी) की हार समाज की सड़ी-गली व्यवस्था के कारण होती है।
  5. उपन्यास में 'प्रेम' के किस रूप को श्रेष्ठ माना गया है?
    • उत्तर: मेहता और गोविंदी के माध्यम से 'सेवा और त्याग' वाले प्रेम को।
महत्वपूर्ण घटनाक्रम (Key Plot Points)
  1. हीरा की पत्नी का नाम क्या था?
    • उत्तर: पुनिया।
  2. होरी ने अपने जीवन में अंतिम बार क्या खाया था?
    • उत्तर: कुछ नहीं, वह बीमार और भूखा काम कर रहा था।
  3. गोबर के शहर से लौटने पर गाँव वालों ने उसे क्यों सम्मान दिया?
    • उत्तर: क्योंकि उसके पास पैसा था और उसने 'शहरी बाबू' जैसे कपड़े पहने थे।
  4. धनिया ने अपने मरे हुए पति के हाथ में सवा बीस आने क्यों रखे?
    • उत्तर: पंडित दातादीन द्वारा 'गोदान' की रस्म पूरी करने के दबाव के कारण।
  5. मिस्टर खन्ना की मिल में आग किसने लगाई थी?
    • उत्तर: यह स्पष्ट नहीं है, पर इसे मिल मालिक की साजिश या मजदूरों का गुस्सा माना गया।
कथन और व्याख्या (Quotes & Analysis)
  1. "जब दूसरों के पाँव के नीचे अपनी गर्दन दबी हो, तो उन पाँवों को सहलाने में ही कुशल है।" - यह किसका कथन है?
    • उत्तर: होरी का। (यह उसकी विवशता दिखाता है)।
  2. "नारी में यदि पुरुष के गुण आ जाएं तो वह कुलटा हो जाती है।" - यह विवादास्पद बयान किसका है?
    • उत्तर: प्रोफेसर मेहता का।
  3. "मर्यादा की रक्षा के लिए जान देना कोई बड़ी बात नहीं।" - यह सोच किसकी है?
    • उत्तर: राय साहब अमरपाल सिंह की (दिखावे के लिए)।
  4. "गरीबों में जो ईर्ष्या और द्वेष होता है, वह अमीरों में नहीं होता।" - यह किसका विचार है?
    • उत्तर: प्रेमचंद (लेखक का सामाजिक विश्लेषण)।
  5. "मैं जिसे चाहता हूँ, उसे पा लेना ही प्रेम नहीं मानता।" - यह किसने कहा?
    • उत्तर: प्रोफेसर मेहता ने मालती से।
विविध तथ्य (Miscellaneous)
  1. होरी के गाँव का नाम क्या था?
    • उत्तर: बेलारी।
  2. राय साहब के गाँव का नाम क्या था?
    • उत्तर: सेमरी।
  3. बेलारी और सेमरी के बीच कितनी दूरी थी?
    • उत्तर: पाँच मील।
  4. होरी के पास कुल कितने बैल थे?
    • उत्तर: शुरू में दो, लेकिन बाद में वे भी बिक गए।
  5. गोबर की पत्नी झुनिया के पिता का नाम क्या था?
    • उत्तर: भोला।
  6. झुनिया के पहले पति की मृत्यु कैसे हुई थी?
    • उत्तर: वह बम्बई गया था और वहीं मर गया।
  7. 'गोदान' उपन्यास का समय काल क्या है?
    • उत्तर: भारतीय स्वतंत्रता पूर्व का ग्रामीण परिवेश।
  8. प्रेमचंद ने इस उपन्यास में किस प्रथा का विरोध किया है?
    • उत्तर: अनमेल विवाह और बेमेल ऋण व्यवस्था का।
  9. मालती पेशे से क्या थी?
    • उत्तर: लेडी डॉक्टर।
  10. दातादीन का हृदय परिवर्तन कब होता है?
    • उत्तर: उपन्यास के अंत में जब वह धनिया की लाचारी देखता है।
  11. होरी की मृत्यु के समय धनिया की उम्र लगभग कितनी थी?
    • उत्तर: पचास वर्ष के आसपास।
  12. क्या गोबर अपने पिता की तरह किसान बना रहना चाहता था?
    • उत्तर: नहीं, वह किसानी को 'गुलामी' समझता था।
  13. उपन्यास में 'धर्म' का कैसा रूप दिखाया गया है?
    • उत्तर: शोषण के एक औजार के रूप में।
  14. 'गोदान' की मुख्य नायिका किसे माना जा सकता है?
    • उत्तर: धनिया को, क्योंकि वह अंत तक संघर्ष करती है।
  15. प्रेमचंद ने 'गोदान' का नाम 'गोदान' ही क्यों रखा?
    • उत्तर: क्योंकि यह एक धार्मिक कर्मकांड के बहाने गरीब किसान के अंतिम शोषण की कहानी है
होरी का कथन :-

"जब अपनी गर्दन दूसरों के पैरों के तले दबी हो तो उन पैरों को सहलाने में कुशल है।"

"हमारा जन्म इसलिए हुआ है कि अपना रक्त बहाए और बड़ों का घर भरे।"

"हम लोग समझते हैं कि बड़े आदमी बहुत सुखी होंगे लेकिन, सच पूछो तो वे हमसे ज्यादा दुखी हैं।"

"क्या ससुराल जाना है जो पांचों पोशाक* लाई है।" (होरी ने धनिया से कहा)

यहां पांचों पोशाक का मतलब :-

1. होरी की लाठी

2. मिर्जई (कुर्ता)

3. जूते

4. पगड़ी

5. तंबाकू का बटु

"तो क्या तू समझती है, मैं बूढ़ा हो गया ? अभी तो चालीस भी नहीं हुए। मर्द साढे पर पाढे होते हैं।" (होरी ने धनिया से कहा)

"बस सज्जन, वही जो दूसरों की आबरू को अपनी आबरू समझे।"

"बिना घरनी घर भूत का डेरा।"

"सोना* बड़े आद‌मियों के लिए है। हम गरीबों के लिए तो रूपा ही है। जैसे जौ को राजा कहते हैं गेहूं को चमार इसलिए न कि गेहूं बडे आदमी खाते हैं, जौ हम लोग खाते हैं।"

* यहां सोना (होरी की बड़ी पुत्र) को :- चमार रूपा (होरी की छोटी पुत्री) कौ:- राजा कहा गया है।)

घरनी के बिना घर नहीं रहता भैया। पुरानी कहावत है 'नाटन के खेती बहुरिन घर।' नाटे बैल क्या खेती करेंगे और बहुएँ क्या घर संभालेगी।" (होरी ने भोला से कहा)

"हमारी गरदन दूसरों के पैरों के नीचे दबी हुई है, अकड़ कर निबाह नहीं हो सकता।" (होरी ने गोबर से कहा)

प्रो. मेहता के कथन :-

मैं चाहता हूं कि हमारा जीवन हमारी सिद्धांतों के अनुकूल हो? . मुझमें और आप में अंतर इतना ही है कि मैं जो कुछ मानता हूं, उस पर चलता हूं, आप लोग मानते कुछ है, करते कुछ है।" (राय साहब को कह रहे है)

"संसार में छोटे - बड़े हमेशा रहेंगे और उन्हें हमेशा रहना चाहिए। इसे मिटाने की चेष्टा करना मानव जाति का सर्वनाश करना होगा।"

"स्त्रिया स्त्रियां नहीं है वे देवी है, दिव्य हैं वे पुरुष से बहुत श्रेष्ठ और ऊपर है।"

"प्रेम सीधी-सादी गइ नहीं, खुंखार शेर है, जो अपने शिकार पर किसी की आंख भी नहीं पडने देता।" दूसरी तरफ ओर मालती मानती है" मैं प्रेम को संदेह से ऊपर समझती हूं। वह देह की वस्तु नहीं, आत्मा की वस्तु है।"

दर्शनशास्त्र का प्रोफेसर होने के बावजूद जब मालती पूछती है पूछती है तुम प्रेम के बारे में क्या सोचते को मैं। ते हो तो वह कहते हैं कि" प्रेम में सिंह की तरह देखता जो अपन शिकार पर किसी दूसरे की नजर नहीं पढ़ने देता यानी स्त्री शिकार हैं।"

"कुछ बातें तो उसमें ऐसी है कि अगर तुम में होती तो तुम सचमुच देवी हो जाती है।" (प्रो. मेहता मालती को चिढ़ाते हुए कहते हैं)

> "मैं आप से किन शब्दों में कहूं कि स्त्री मेरी नजरों में क्या है? संसार में जो कुछ सुंदर है, उसी की प्रतिमा को में में स्त्री कहता हूं।" (प्रो. मेहता ने मिर्जा खुशेंद से नारी संबंधी धारणा को अभिव्यक्त)
"स्त्री पुरुष से उतनी ही श्रेष्ठ है जितना प्रकाश अंधेरे से।"

"मैं प्रकृति का पुजारी हूं और मनुष्य को उसके प्राकृतिक रूप में देखना चाहूता हूं जो प्रसन्न होकर हँसता है, दुखी होकर रोता है और क्रोध में आकर मार डालता है। जो दुःख और सुख में दोनों का दमन करते हैं, जो रोने को कर्मचारी और हँसने को हल्कापन समझते हैं उनसे मेरा कोई मेल नहीं है।"

"नारी केवल माता है और उसके उपरांत वह जो कुछ है वह एक मुराद तत्व का उपक्रम मात्र मातृत्व संसार की सबसे बड़ी साधना है सबसे बड़ी तपस्या सबसे बड़ा त्याग और सबसे महान विजय है।"

"प्रेम सीधी-सादी गऊ को नहीं खूंखार शेर है जो अपने शिकार पर किसी की आंख नहीं पडने देता।" (प्रेम के विषय में)

"मेरे जेहन में औरत वफा और त्याग की मूर्ति है जो अपनी बेजुबानी से कुर्बानी से अपने को बिल्कुल मिटाकर पति की आत्मा का अंश बन जाती है।" (नारी के विषय में)

आपकी जबान में इतनी बुद्धि का बुद्धि हैं काश उसकी आदि भी मस्तिष्क में होती है यही है कि सब कुछ समझते हुए भी आप अपने विचारों का व्यवहार में नहीं लाते हैं मेहता जी राय साहब को पोल खोलते हुए कहते हैं।

"विवाह को मैं सामाजिक समझौता मानता हूं और उसे तोड़ने का अधिकार न पुरुष को है, न स्त्री को। समझौता करने के पहले आप स्वाधीन है, समझौता हो जाने के बाद आपके हाथ कट जाते है।"

"मैं समझता हूं कि नारी केवल माता है, और इसके उपरांत वह जो कुछ है, वह सब मातृत्व का उपक्रम मात्र।"

रायसाहब के कथन :-

तुम हमें बड़ा आदमी समझते हो? हमारे नाम बड़े हैं पर दर्शन छोटे। बड़े आदमियों की इच्छा और बैर केवल आनंद के लिए है। हम इतने बड़े आदमी हों गए हैं कि हमें नीचता और कुटिलता में ही निःस्वार्थ और परम आनंद मिलता है।" (होरी के समक्ष अपनी वास्तविक स्थिति बखान करते हैं)

"बहुत जल्द हमारी वर्ग की हस्ती मिट जाने वाली है। मैं उस दिन का स्वागत करने को तैयार बैठा हूं।" (जमीदारी प्रथा का अवसान समीप होने के कारण)

"किसी को भी दूसरे के श्रम पर मोटे होने का अधिकार नहीं है। उपजीवी होना घोर लज्जा की बात है। कर्म करना प्राणिमात्र का धर्म है।"

गोबर के कथन :-

मालिको " यह तुम रोज-रोज मालिकों की खुशामद करने क्यों जाते हो? बाकी न चुके तो प्यादा आकर गालियाँ सुनाता है, बेगार देनी ही पड़ती है। नजर नजराना सब तो हमसे भराया जाता है फिर किसी की क्यों सलामी करो?" (अपने पिता होरी से)

"हम लोग दाने-दाने को मोहताज हैं, देह पर साबुत कपड़े नहीं है, चोटी का पसीना एड़ी तक आता है, तब भी गुजर जाते नहीं होता। उन्हें क्या ? मजे से गद्दी -पसंद लगाए बैठे हैं, सैकड़ों नौकर चाकर है हजारों आदमियों पर हुकूमत है।"

"रोज-रोज आने से मरजाद भी तो नही रहती।" (झुनिया को कहते हुए)

"यह सब मुन को समझाने की बातें हैं। भगवान सबको बराबर बनाते हैं यहां जिसके हाथ में लाठी है, वही गरीबों को कुचलकर बड़ा आदमी बन जाता है।"

"जिसके पास पैसा है बिरादरी उसकी होती है।"

"जल्सों में, शामियाने के पीछे खड़े होकर उसने भाषण सुना है और यह भी सुना है कि कोई देवी और देवता मनुष्य का भाग्य नहीं बदलता, मनुष्य अपनी स्थितियों के लिए स्वयं जिम्मेदार है और इसलिए वही भाग्य को बदल भी सकता है।"

"गांव वाले निकाल देंगे तो क्या संसार में दूसरा गांव दूसरे गांव से ही नहीं। रुपए हो तो न हुक्का पानी का काम है न जात बिरादरी का ।" (गोबर का कथन)

"गांव वाले निकाल देंगे तो क्या संसार में दूसरा गांव ही नहीं है।" (गोबर ने झुनिया से कहा)

धनिया के कथन :-

"हमने जमीदार के खेत जोते हैं, वह अपना लगान ही तो लेगा, उसकी खुशामद क्यों करें, उसके तलवे क्यों सहलाए।"
थे।" (यहां 'उनकी' शब्द धनिया और होरी के तीन लड़के जो मर गये थे उनके लिए आया है।)

"मैंने तुमसे सौ बार हजार बार कह दिया, मेरे मुंह पर भाइयों का बखान न किया करो। उनका नाम सुनकर मेरी में लग जाती है।.... सारा गांव देखने आया, उन्ही के पांव में मेहंदी लगी हुई थी, मगर आये कैसे? जलन हो रही होगी कि इसके घर में गाय आ गई। छाती फटर्टी जाती होगी।"

"पंचों गरीबों को सत्ताकर सुख न पाओगे, इतना समझ लेना।"

"यह पंच नहीं है, राक्षस है, पक्के राछस"

"वही साध्वी जिसने होरी के सिवा किसी पुरुष को आंख भरकर देखा भी न था, इस पापिष्ठा को गले लगाए उसके आंसू पोछ रही थी और उसके त्रस्त हृदय को अपने कोमल शब्दों से शांत कर रही थी जैसे कोई चिड़िया अपने बच्चों को पैरों में छिपा कर बैठी हो।"

"हमको कुल परतिष्ठा इतनी प्यारी नहीं है महाराज की उसके पीछे एक जीव की हत्या कर डालते। व्याहता न सही, पर उसकी बोह तो पकड़ी है मेरे बेटे ने। किस मुंह से निकाल देती ?" (दातादीन से कहती है धनिया)

"जगह की कौन कमी है बेटी! तू चल मेरे घर रहा।" (सालिया से कहती है)

"बिगड़ेंगे तो एक रोटी बेसी खा लेगे और क्या करेंगे। कोई उनकी दबैल हूं।" (दातादीन से कहती है)

"देख लिया तुम्हारा न्याय और तुम्हारी अक्ल की दौड़। गरीबों का गला काट्ना दूसरी बात है, दूध का दूध और पानी का पानी करना दूसरी ।" (रिश्वत दरोगा को कहा)

"ये हमारे गांव के मुखिया है, गरीबों का खून चूसने वाले, सूद ब्याज ड्योढी -सवाई, नजर - नजराना, घूस-घास जैसे भी हो गरीब को लूटो। उस पर सुराज चाहिए। जेल जाने से सुराज ने मिलेगा, सुराज मिलेगा न्याय से।" (गांव के साहूकारों को कहा)

"अगर यही हाल है तो भीख भी मांगोगी " (दातादीन धनिया को डांटते हुए कहा था)

धनिया ने इसके जवाब में दातादीन को यह कहा- "भीख मांगो तुम जो भीखमंगो की जात हो। हम तो एक मजूर ठहरे जहां काम करेंगे चार पैसे पाएंगे।"

मालती के कथन :-
"प्रेमचंद ने मालती के चरित्र का विश्लेषण करते हुए लिखा है- "मालती बाहर से तितली भीतर से मधुमक्खी। उसके जीवन में हंसी ही हंसी है नहीं है, केवल गुड़ खाकर कौन जी सकता है.......... उसका चहकना और चमकना इसलिए नहीं है कि वह चहकने को ही जीवन समझती है...... नहीं, वह इसलिए चहकती है और विनोद करती है कि इससे उसके कत्तर्व्य का भार कुछ हल्का हो जाता है।"

दातादीन का कथन :-
नारी का धरम है कि गम खाय, वह तो उजड्डा है, क्यों उसके मुंह में लगती है। (दातादिन नेधनिया से कहा) । यहां उजड्डा हीरा को कहा गया।

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