ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी 2025

- इस बार के (2025)  ज्ञान पीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल हैं

- जिन्हें 2025 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा

- जो हिंदी साहित्य में यह पुरस्कार पाने वाले 12वें साहित्यकार हैं. 

- विनोद कुमार शुक्ल एक प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार, कवि, उपन्यासकार और कहानीकार हैं.

- ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जो साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है.

- विनोद कुमार शुक्ल को 2025 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा.

- शुक्ल को हिंदी साहित्य में उनके अद्वितीय योगदान, सृजनात्मकता और विशिष्ट लेखन शैली के लिए पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है. 




विनोद कुमार शुक्ल को संपूर्ण रखनाएँ: 


कविता

हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था,

जो मेरे घर कभी नहीं आएँगे,

प्रेम की जगह अनिश्चित है,

आँख बंद कर लेने से,

अपने हिस्से में लोग आकाश देखते हैं

उद्धरण : 

अधिकतर अज्ञानता के सुख-दुःख की आदत थी। ज्ञान के सुख-दुःख बहुतों को नहीं मालूम थे। जबकि ज्ञान असीम अटूट था। ज्ञान सुख की समझ देता था पर सुख नहीं देता था।

गंदगी वहाँ है जहाँ सफाई और संपन्नता है, यह अहाता है जहाँ से फूलों की खुशबू आती है और घास पर बैठे हुए वे लोग है जो फुर्सत से बैठ गए हैं।

स्पर्श का सारा गुण अनुमान में भी होगा चाहिए। जिसका अनुमान लगा रहे हैं उसे सचमुच स्पर्श कर रहे हैं। सच का अनुमान लगा रहे हैं और सय की स्पर्श कर रहे है। झूठ का अनुमाव लगाते है और झूठ का स्पर्श करते हैं।

"जितनी बुराइयों है ये केवल इसलिए कि चुन्छ बातें छुपाई नहीं जाती और अच्छाइयों इसलिए है कि कुछ बातें छुपा ली जाती है।"

चंद्रमा, सुरज, तारे, आकाश, घर की चीजों की तरह थे। चंद्रमा सूरज शाश्वत होने के बाद भी इधर-उधर होते थे।


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