TARGET

HP SET HINDI 2026

UGC NET JRF HINDI 2026

FREE WHATSAPP GROUP || इकाई 3 || साहित्यशास्त्र

Class -1 || BY EXAMVIVECHNA

व्हाट्सप्प के साथ जुडने के लिए यहाँ पर क्लिक करें

1. 'रस' संप्रदाय के प्रवर्तक

यह प्रश्न रस सिद्धांत के संस्थापक से संबंधित है।

(a) भरत मुनि
(b) अभिनवगुप्त
(c) विश्वनाथ
(d) दण्डी

Answer:

Answer: (a) भरत मुनि
भरत मुनि को भारतीय काव्यशास्त्र में रस संप्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। उनके प्रसिद्ध ग्रंथ 'नाट्यशास्त्र' में रस सिद्धांत का विस्तार से वर्णन किया गया है।


2. 'ध्वनि' सिद्धांत का मुख्य केंद्र

यह प्रश्न ध्वनि सिद्धांत के केंद्रीय विचार से संबंधित है।

(a) शब्द की शक्ति
(b) काव्य का गुण
(c) व्यंग्यार्थ
(d) अलंकार का प्रयोग

Answer:

Answer: (c) व्यंग्यार्थ
ध्वनि सिद्धांत में, जिसे आनंदवर्धन ने प्रतिपादित किया थाव्यंग्यार्थ (यानी व्यंजना के माध्यम से निकलने वाला अर्थ) को काव्य की आत्मा माना जाता है।


3. 'विरेचन' सिद्धांत (Catharsis)

यह प्रश्न अरस्तू के महत्वपूर्ण सिद्धांत विरेचन से संबंधित है।

(a) प्लेटो
(b) अरस्तू
(c) वर्ड्सवर्थ
(d) कॉलरिज

Answer:

Answer: (b) अरस्तू
विरेचन (Catharsis) का सिद्धांत यूनानी दार्शनिक अरस्तू ने दिया था। यह सिद्धांत मुख्य रूप से त्रासदी (Tragedy) से उत्पन्न होने वाले भय और करुणा जैसे भावों के शुद्धिकरण या शमन की प्रक्रिया की व्याख्या करता है।


4. 'निर्वैयक्तिकता का सिद्धान्त' (Impersonality)

यह प्रश्न टी.एस. इलिएट के निर्वैयक्तिकता सिद्धांत से संबंधित है।

(a) टी.एस. इलिएट
(b) आई.. रिचर्ड्स
(c) वर्ड्सवर्थ
(d) क्रोचे

Answer:

Answer: (a) टी.एस. इलिएट
टी.एस. इलिएट ने अपने निबंध "परंपरा और वैयक्तिक प्रज्ञा" में निर्वैयक्तिकता के सिद्धांत को प्रस्तुत किया। उनका तर्क था कि कवि की व्यक्तिगत भावनाएँ नहीं, बल्कि कला का वस्तुनिष्ठ निर्माण महत्वपूर्ण होता है।


व्हाट्सप्प के साथ जुडने के लिए यहाँ पर क्लिक करें

5. 'वक्रोक्ति' का अर्थ

यह प्रश्न वक्रोक्ति सिद्धांत के शाब्दिक अर्थ और अवधारणा से संबंधित है।

(a) सीधा कथन
(b) टेढ़ा या विलक्षण कथन
(c) गुणों से युक्त कथन
(d) दोष रहित कथन

Answer:

Answer: (b) टेढ़ा या विलक्षण कथन
वक्रोक्ति का शाब्दिक अर्थ है 'टेढ़ा कथन' या 'विलक्षण उक्ति' कुंतक ने इसे काव्य की आत्मा माना है, जिसका अर्थ है अभिव्यक्ति का एक अनोखा और कलात्मक तरीका जो सामान्य बातचीत से अलग होता है।


  1. HP SET HINDI  || UGC NET JRF HINDI  || नोट्स लेने के लिए 7650017294 पर व्हाट्सप्प माध्यम से संपर्क करें

6. 'काव्य हेतु' का सही अर्थ

यह प्रश्न काव्य हेतु की अवधारणा से संबंधित है।

(a) काव्य का उद्देश्य
(b) काव्य की रचना का कारण
(c) काव्य के प्रकार
(d) काव्य का गुण

Answer:

Answer: (b) काव्य की रचना का कारण
काव्य हेतु का अर्थ उन कारणों से है जो कवि में काव्य रचना की शक्ति या क्षमता उत्पन्न करते हैं। मुख्य रूप से प्रतिभा, व्युत्पत्ति (ज्ञान/अध्ययन) और अभ्यास को तीन प्रमुख काव्य हेतु माना जाता है।


7. 'कल्पना' और 'फैंटेसी' में भेद

यह प्रश्न कॉलरिज के साहित्य सिद्धांत से संबंधित है।

(a) कॉलरिज ने दोनों को एक माना
(b) कॉलरिज ने कल्पना को गौण माना
(c) कॉलरिज ने कल्पना (Imagination) को श्रेष्ठ और फैंटेसी (Fancy) को निम्न माना
(d) कॉलरिज ने फैंटेसी को श्रेष्ठ माना

Answer:

Answer: (c) कॉलरिज ने कल्पना (Imagination) को श्रेष्ठ और फैंटेसी (Fancy) को निम्न माना
कॉलरिज ने कल्पना (Imagination) को एक रचनात्मक और एकीकृत शक्ति माना, जबकि फैंटेसी (Fancy) को केवल स्मृति पर आधारित और कम महत्वपूर्ण माना, जो सतही तत्वों को जोड़ती है।


8. 'साधारणीकरण' की अवधारणा

यह प्रश्न रस निष्पत्ति के संदर्भ में साधारणीकरण के सिद्धांत से संबंधित है।

(a) भरत मुनि
(b) अभिनवगुप्त
(c) भट्ट नायक
(d) विश्वनाथ

Answer:

Answer: (c) भट्ट नायक
साधारणीकरण (Generalization) का सिद्धांत सर्वप्रथम भट्ट नायक द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इसका अर्थ है कि काव्य या नाटक के अनुभव के दौरान पाठक या दर्शक के निजी भाव सामान्य (साधारण) हो जाते हैं, जिससे वे रस का अनुभव कर पाते हैं।


9. 'अनुकरण सिद्धांत' के प्रतिपादक

यह प्रश्न प्लेटो और अरस्तू के बीच के मुख्य सिद्धांत से संबंधित है।

(a) प्लेटो
(b) अरस्तू
(c) वर्ड्सवर्थ
(d) आई.. रिचर्ड्स

Answer:

Answer: (b) अरस्तू
हालांकि प्लेटो ने भी अनुकरण की बात की थी, लेकिन अरस्तू ने अपने 'काव्यशास्त्र' (Poetics) में अनुकरण सिद्धांत (Theory of Mimesis) की विस्तृत व्याख्या की, जहाँ उन्होंने इसे कला का आधार माना और प्लेटो के विचारों से अलग एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।


10. 'काव्य प्रयोजन' का उद्देश्य

यह प्रश्न काव्य प्रयोजन (काव्य के उद्देश्य) की मुख्य परिभाषा से संबंधित है।

(a) काव्य रचना की प्रक्रिया
(b) काव्य पढ़ने का परिणाम/उद्देश्य
(c) काव्य की शैली
(d) काव्य का विषय

Answer:

Answer: (b) काव्य पढ़ने का परिणाम/उद्देश्य
काव्य प्रयोजन का अर्थ है काव्य रचना का अंतिम लक्ष्य या उद्देश्यअर्थात कवि किसलिए काव्य रचता है और पाठक उसे किसलिए पढ़ता है। इसमें धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, यश, और आनंद की प्राप्ति जैसे उद्देश्य शामिल होते हैं।

  1. HP SET HINDI  || UGC NET JRF HINDI  || नोट्स लेने के लिए 7650017294 पर व्हाट्सप्प माध्यम से संपर्क करें
व्हाट्सप्प के साथ जुडने के लिए यहाँ पर क्लिक करें

Comments

Popular posts from this blog

ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी 2025

Hindi Sahitya Practice Set - 1