TARGT HP LT TET | Commission 2026

10,000 अतिमहत्वपूर्ण प्रश्न 

पार्ट-16

                                                                    आज के प्रश्न 

हिंदी साहित्य : फास्ट रिवीजन क्लास

M.A HINDI ENTRANCE | HP LT TET | LT COMMISSION |TGT PGT HINDI | NET SET JRF HINDI | A.P HINDI

@Examvivechna

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1. भाषा की सबसे छोटी इकाई है-

(a) शब्द

(b) व्यंजन

(c) स्वर

(d) वर्ण

भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण होती है।

👉 सही उत्तर: (d) वर्ण

संक्षिप्त व्याख्या

  • शब्द: कई वर्णों/अक्षरों से मिलकर बनता है।
  • व्यंजन: स्वर के साथ मिलकर ध्वनि बनाते हैं, लेकिन ये भाषा की सबसे छोटी इकाई नहीं हैं।
  • स्वर: स्वतंत्र ध्वनि देते हैं, पर ये भी वर्ण का ही हिस्सा हैं।
  • वर्ण: भाषा की सबसे छोटी इकाई है, जिसमें स्वर और व्यंजन दोनों शामिल होते हैं।

इसलिए, भाषा की मूलभूत इकाई वर्ण है, जिससे शब्द और वाक्य निर्मित होते हैं।


2. वर्णमाला कहते हैं-

(a) शब्द-समूह को

(b) वर्णों के संकलन 

(c) शब्द गणना को

(d) वर्णों के व्यवस्थित समूह को

सही उत्तर है 👉 (d) वर्णों के व्यवस्थित समूह को

संक्षिप्त व्याख्या

  • (a) शब्द-समूह को → यह वाक्य या पद्यांश कहलाता है, वर्णमाला नहीं।
  • (b) वर्णों के संकलन → केवल वर्णों का संग्रह है, पर इसमें क्रमबद्धता नहीं होती।
  • (c) शब्द गणना को → यह शब्दों की गिनती है, वर्णमाला से संबंधित नहीं।
  • (d) वर्णों के व्यवस्थित समूह को → यही सही परिभाषा है। वर्णों को एक निश्चित क्रम में रखा जाता है, जिसे हम वर्णमाला कहते हैं।

📌 निष्कर्ष: वर्णमाला = भाषा के सभी वर्णों का निश्चित क्रम में व्यवस्थित समूह



3. निम्न में से कंठ्य ध्वनियों कौन-सी हैं?

(a) क, ख

(b) य, र

(c) च, ज

(d) ट, ण


सही उत्तर है 👉 (a) क, ख

संक्षिप्त व्याख्या

  • कंठ्य ध्वनियाँ: वे ध्वनियाँ जो कंठ (गले) से उच्चारित होती हैं।
    • उदाहरण: क, ख, ग, घ, ङ
  • तालव्य ध्वनियाँ: जीभ के मध्य भाग और तालु से निकलती हैं।
    • उदाहरण: च, छ, ज, झ, ञ
  • मूर्धन्य ध्वनियाँ: जीभ की अग्र भाग और मूर्धा (तालु का ऊपरी भाग) से।
    • उदाहरण: ट, ठ, ड, ढ, ण
  • दन्त्य ध्वनियाँ: जीभ और दाँतों से।
    • उदाहरण: त, थ, द, ध, न
  • ओष्ठ्य ध्वनियाँ: होंठों से।
    • उदाहरण: प, फ, ब, भ, म

📌 निष्कर्ष: कंठ्य ध्वनियों में क, ख आते हैं।


4. स्थान के आधार पर बताइए कि मूर्धन्य व्यंजन कौन से हैं?

(a) ग, घ

(b) ज, झ

(c) ड, ढ

(d) प, फ

सही उत्तर है 👉 (c) ड, ढ

संक्षिप्त व्याख्या

  • मूर्धन्य व्यंजन: जीभ का अग्रभाग तालु के ऊपरी हिस्से (मूर्धा) से टकराकर उच्चारित होता है।
    • उदाहरण: ट, ठ, ड, ढ, ण
  • कंठ्य व्यंजन: गले से उच्चारित होते हैं → क, ख, ग, घ, ङ
  • तालव्य व्यंजन: जीभ का मध्य भाग तालु से → च, छ, ज, झ, ञ
  • दन्त्य व्यंजन: जीभ और दाँतों से → त, थ, द, ध, न
  • ओष्ठ्य व्यंजन: होंठों से → प, फ, ब, भ, म

📌 निष्कर्ष: स्थान के आधार पर मूर्धन्य व्यंजन ड, ढ हैं।



5. निम्न में से 'अल्पप्राण' वर्ण कौन-से हैं?

(a) अ, आ

(b) क, ग

(c) य, ध

(d) फ, भ


सही उत्तर है 👉 (b) क, ग

संक्षिप्त व्याख्या

  • अल्पप्राण वर्ण: जिन वर्णों के उच्चारण में कम श्वास (प्राण) का प्रयोग होता है।
    • उदाहरण: क, ग, च, ज, ट, ड, त, द, प, ब
  • महाप्राण वर्ण: जिन वर्णों के उच्चारण में अधिक श्वास (प्राण) का प्रयोग होता है।
    • उदाहरण: ख, घ, छ, झ, ठ, ढ, थ, ध, फ, भ
  • स्वर (अ, आ आदि): ये प्राण की दृष्टि से अल्पप्राण/महाप्राण वर्ग में नहीं आते।
  • य, र, ल, व: ये अर्धस्वर हैं, अल्पप्राण/महाप्राण की श्रेणी में नहीं गिने जाते।

📌 निष्कर्ष: दिए गए विकल्पों में क और ग अल्पप्राण वर्ण हैं।


6. निम्न में से 'नासिक्य' व्यंजन कौन-सा है ?

(a) ष

(b) ञ

(c) ग

(d) ज


सही उत्तर है 👉 (b) ञ

संक्षिप्त व्याख्या

  • नासिक्य व्यंजन: जिनका उच्चारण करते समय वायु का प्रवाह नाक से होता है।
    • उदाहरण: ङ (कंठ्य), ञ (तालव्य), ण (मूर्धन्य), न (दन्त्य), म (ओष्ठ्य)
  • → यह मूर्धन्य शकार है, नासिक्य नहीं।
  • ग, ज → ये अल्पप्राण व्यंजन हैं, नासिक्य नहीं।
  • → तालव्य नासिक्य व्यंजन है।

📌 निष्कर्ष: दिए गए विकल्पों में नासिक्य व्यंजन है।


7. 'ए'. 'ऐ' वर्ण क्या कहलाते हैं?

(a) नासिक्य

(c) ओष्ठ्य

(b) मूर्धन्य

(d) कंठ-तालव्य


सही उत्तर है 👉 (d) कंठ-तालव्य

संक्षिप्त व्याख्या

  • ए, ऐ स्वर हैं।
  • इनका उच्चारण करते समय ध्वनि का स्थान कंठ और तालु (तालव्य) दोनों होते हैं।
  • इसलिए इन्हें कंठ-तालव्य स्वर कहा जाता है।

अन्य स्वर वर्गीकरण (स्थान के आधार पर)

  • कंठ्य स्वर → अ
  • कंठ-ओष्ठ्य स्वर → ओ, औ
  • तालव्य स्वर → इ, ई
  • कंठ-तालव्य स्वर → ए, ऐ
  • ओष्ठ्य स्वर → उ, ऊ

📌 निष्कर्ष: 'ए' और 'ऐ' स्वर कंठ-तालव्य कहलाते हैं।

बहुत बढ़िया ✨
यह रहा स्वरों का स्थान-आधारित चार्ट — इससे आपको पूरी प्रणाली एक नज़र में साफ़ दिख जाएगी:

📊 स्थान-आधारित स्वर वर्गीकरण

स्थान (उच्चारण का आधार) स्वर वर्ण
कंठ्य
तालव्य इ, ई
ओष्ठ्य उ, ऊ
कंठ-तालव्य ए, ऐ
कंठ-ओष्ठ्य ओ, औ

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • कंठ्य: गले से उच्चारित → अ
  • तालव्य: जीभ का मध्य भाग तालु से → इ, ई
  • ओष्ठ्य: होंठों से → उ, ऊ
  • कंठ-तालव्य: गले और तालु दोनों से → ए, ऐ
  • कंठ-ओष्ठ्य: गले और होंठ दोनों से → ओ, औ

👉 इस तरह स्वर वर्गीकरण स्थान के आधार पर पाँच श्रेणियों में बाँटा जाता है।

बहुत अच्छा 👍
यह रहा स्थान-आधारित व्यंजनों का चार्ट — इससे पूरी वर्ण-व्यवस्था एक ही जगह पर स्पष्ट हो जाएगी:

📊 स्थान-आधारित व्यंजन वर्गीकरण

स्थान (उच्चारण का आधार) व्यंजन वर्ण
कंठ्य क, ख, ग, घ, ङ
तालव्य च, छ, ज, झ, ञ
मूर्धन्य ट, ठ, ड, ढ, ण
दन्त्य त, थ, द, ध, न
ओष्ठ्य प, फ, ब, भ, म

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • कंठ्य: गले से उच्चारित → क वर्ग
  • तालव्य: जीभ का मध्य भाग तालु से → च वर्ग
  • मूर्धन्य: जीभ का अग्रभाग मूर्धा से → ट वर्ग
  • दन्त्य: जीभ और दाँतों से → त वर्ग
  • ओष्ठ्य: होंठों से → प वर्ग

👉 इस तरह स्वर और व्यंजन दोनों का स्थान-आधारित वर्गीकरण मिलकर पूरी ध्वनि-व्यवस्था को स्पष्ट करता है।

बहुत अच्छा ✨
यह रहा अल्पप्राण–महाप्राण और घोष–अघोष व्यंजनों का तुलनात्मक चार्ट। इससे आपको व्यंजन वर्गीकरण की पूरी तस्वीर एक ही जगह पर मिल जाएगी:


📊 व्यंजन वर्गीकरण (प्राण और घोष के आधार पर)

वर्ग अल्पप्राण (कम श्वास) महाप्राण (अधिक श्वास)
कंठ्य क, ग ख, घ
तालव्य च, ज छ, झ
मूर्धन्य ट, ड ठ, ढ
दन्त्य त, द थ, ध
ओष्ठ्य प, ब फ, भ

📊 व्यंजन वर्गीकरण (घोष–अघोष के आधार पर)

वर्ग अघोष (स्वररहित) घोष (स्वरयुक्त)
कंठ्य क, ख ग, घ
तालव्य च, छ ज, झ
मूर्धन्य ट, ठ ड, ढ
दन्त्य त, थ द, ध
ओष्ठ्य प, फ ब, भ

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • अल्पप्राण: उच्चारण में कम श्वास का प्रयोग → क, च, ट, त, प आदि।
  • महाप्राण: उच्चारण में अधिक श्वास का प्रयोग → ख, छ, ठ, थ, फ आदि।
  • अघोष: स्वररहित ध्वनियाँ → क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ।
  • घोष: स्वरयुक्त ध्वनियाँ → ग, घ, ज, झ, ड, ढ, द, ध, ब, भ।

👉 अब आपके पास स्थान + प्राण + घोष तीनों दृष्टियों से व्यंजन वर्गीकरण का पूरा चार्ट है।


8. हिन्दी वर्णमाला में 'अयोगवाह' वर्ण कौन-से हैं?

(a) अ, आ

(b) इ, ई

(c) उ, ऊ

(d) अं, अः


सही उत्तर है 👉 (d) अं, अः

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • अयोगवाह वर्ण: ये स्वर और व्यंजन के बीच की स्थिति वाले विशेष वर्ण हैं।
  • हिन्दी वर्णमाला में दो अयोगवाह वर्ण माने जाते हैं:
    • अं (अनुस्वार) → नासिक्य ध्वनि को सूचित करता है।
    • अः (विसर्ग) → हल्की श्वासयुक्त ध्वनि को सूचित करता है।
  • ये न तो पूर्ण स्वर हैं और न ही पूर्ण व्यंजन, इसलिए इन्हें अयोगवाह कहा जाता है।

📌 निष्कर्ष: हिन्दी वर्णमाला में अयोगवाह वर्ण अं और अः होते हैं।

बहुत अच्छा ✨
यह रहा हिन्दी वर्णमाला का संपूर्ण चार्ट जिसमें स्वर, व्यंजन और अयोगवाह सभी को स्थान और प्रकार के आधार पर व्यवस्थित किया गया है:


📊 हिन्दी वर्णमाला (स्थान-आधारित वर्गीकरण)

1. स्वर

स्थान स्वर वर्ण
कंठ्य
तालव्य इ, ई
ओष्ठ्य उ, ऊ
कंठ-तालव्य ए, ऐ
कंठ-ओष्ठ्य ओ, औ

2. अयोगवाह

प्रकार वर्ण
अनुस्वार अं
विसर्ग अः

3. व्यंजन (स्थान के आधार पर)

स्थान व्यंजन वर्ण
कंठ्य क, ख, ग, घ, ङ
तालव्य च, छ, ज, झ, ञ
मूर्धन्य ट, ठ, ड, ढ, ण
दन्त्य त, थ, द, ध, न
ओष्ठ्य प, फ, ब, भ, म

4. अन्य व्यंजन

श्रेणी वर्ण
अर्धस्वर य, र, ल, व
शकार (सिबिलेंट) श (तालव्य), ष (मूर्धन्य), स (दन्त्य)
उपध्मानीय फ (विशेष प्रयोग)
जिह्वामूलीय ख (विशेष प्रयोग)
अवग्रह
हकार ह (कंठ्य)

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • स्वर: स्वतंत्र ध्वनियाँ, पाँच स्थानों पर वर्गीकृत।
  • अयोगवाह: स्वर और व्यंजन के बीच की स्थिति वाले विशेष वर्ण (अं, अः)।
  • व्यंजन: पाँच स्थानों पर वर्गीकृत (कंठ्य से ओष्ठ्य तक)।
  • अन्य व्यंजन: अर्धस्वर, शकार, हकार आदि।

👉 अब आपके पास हिन्दी वर्णमाला का पूर्ण चार्ट है जिसमें स्वर, व्यंजन और अयोगवाह सभी शामिल हैं।

बहुत अच्छा ✨
यह रहा हिन्दी वर्णमाला का दृश्यात्मक (रंग-कोडेड) चार्ट जिसमें स्वर, व्यंजन और अयोगवाह को अलग-अलग रंगों में दिखाया गया है ताकि अध्ययन आसान हो जाए:


🎨 हिन्दी वर्णमाला (स्थान और प्रकार के आधार पर)

श्रेणी स्थान वर्ण रंग-कोड
स्वर कंठ्य 🟢 हरा
तालव्य इ, ई 🔵 नीला
ओष्ठ्य उ, ऊ 🟣 बैंगनी
कंठ-तालव्य ए, ऐ 🟠 नारंगी
कंठ-ओष्ठ्य ओ, औ 🟡 पीला
अयोगवाह विशेष अं, अः ⚪ सफेद
व्यंजन कंठ्य क, ख, ग, घ, ङ 🟥 लाल
तालव्य च, छ, ज, झ, ञ 🟦 आसमानी
मूर्धन्य ट, ठ, ड, ढ, ण 🟫 भूरा
दन्त्य त, थ, द, ध, न 🟩 हरा
ओष्ठ्य प, फ, ब, भ, म 🟪 बैंगनी
अन्य व्यंजन अर्धस्वर य, र, ल, व 🌸 गुलाबी
शकार श, ष, स 🌻 पीला
हकार ⚫ काला

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • स्वर → स्वतंत्र ध्वनियाँ, पाँच स्थानों पर वर्गीकृत।
  • अयोगवाह → स्वर और व्यंजन के बीच की स्थिति वाले विशेष वर्ण (अं, अः)।
  • व्यंजन → पाँच स्थानों पर वर्गीकृत (कंठ्य से ओष्ठ्य तक)।
  • अन्य व्यंजन → अर्धस्वर, शकार, हकार आदि।

👉 अब आपके पास हिन्दी वर्णमाला का पूर्ण और रंग-कोडेड चार्ट है, जो अध्ययन और स्मरण दोनों के लिए उपयोगी है।


9. निम्न में बताइए कि किस शब्द में द्वित्व व्यंजन है ?

(a) पुनः

(b) इलाहाबाद

(c) दिल्ली

(d) उत्साह


सही उत्तर है 👉 (c) दिल्ली

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • द्वित्व व्यंजन: जब एक ही व्यंजन का दो बार प्रयोग किसी शब्द में होता है, उसे द्वित्व व्यंजन कहते हैं।
    • उदाहरण: पक्का (क्क), सच्चा (च्च), दिल्ली (ल्ल)
  • विकल्पों का विश्लेषण:
    • पुनः → यहाँ द्वित्व व्यंजन नहीं है।
    • इलाहाबाद → यहाँ भी द्वित्व व्यंजन नहीं है।
    • दिल्ली → इसमें ल्ल द्वित्व व्यंजन है।
    • उत्साह → इसमें द्वित्व व्यंजन नहीं है।

📌 निष्कर्ष: दिए गए विकल्पों में द्वित्व व्यंजन वाला शब्द दिल्ली है।

बहुत अच्छा ✨
यह रहा द्वित्व व्यंजन वाले सामान्य शब्दों का चार्ट — इससे आपको अभ्यास और पहचान दोनों आसान हो जाएँगे:


📊 द्वित्व व्यंजन वाले शब्दों की सूची

द्वित्व व्यंजन उदाहरण शब्द
क्क पक्का, झक्की
च्च सच्चा, बच्चा
ट्ट गट्टा, पट्टा
ड्ड गड्डा, अड्डा
त्त हिम्मत, सत्ता
न्न बन्ना, अन्न
ल्ल दिल्ली, बल्ला
म्म गम्मत, सम्मुख
प्प गप्प, पप्पू
σσ (श्श) श्शब्द, श्शक्ति

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • द्वित्व व्यंजन = जब एक ही व्यंजन का दोहराव शब्द में होता है।
  • यह ध्वनि की जोरदार अभिव्यक्ति और स्पष्टता को दर्शाता है।
  • हिन्दी में द्वित्व व्यंजन अक्सर बोलचाल और व्याकरणिक रूप से शब्दों को अधिक बल देते हैं।

👉 अब आपके पास द्वित्व व्यंजन वाले शब्दों की एक व्यवस्थित सूची है।


10. 'श', 'ष', 'स', 'ह' कौन-से व्यंजन कहलाते हैं?

(a) प्रकंपी

(c) संघर्षी

(b) स्पर्शी

(d) स्पर्श-संघर्षी


सही उत्तर है 👉 (c) संघर्षी

📝 संक्षिप्त व्याख्या

  • स्पर्शी व्यंजन: जिनमें उच्चारण के समय अंगों का पूरा स्पर्श होता है → क, ख, ग, घ, च, छ आदि।
  • संघर्षी व्यंजन: जिनमें उच्चारण के समय अंगों का केवल संघर्ष (घर्षण) होता है, पूरा स्पर्श नहीं।
    • उदाहरण: श, ष, स, ह
  • स्पर्श-संघर्षी व्यंजन: जिनमें पहले स्पर्श और फिर संघर्ष होता है → जैसे क्ष
  • प्रकंपी व्यंजन: जिनमें उच्चारण के समय कंपन होता है →

📌 निष्कर्ष: 'श', 'ष', 'स', 'ह' को संघर्षी व्यंजन कहा जाता है।


11. निम्नांकित में से बताइ‌ये कि नवीन विकसित ध्वनियाँ कौन-सी हैं?

(a) ख, ग

(b) उ, ऊ

(c) ऐ, औ

(d) श, स


बहुत अच्छा प्रश्न है 👍

नवीन विकसित ध्वनियाँ से आशय उन स्वर या व्यंजन ध्वनियों से है जो प्राचीन संस्कृत में नहीं थीं, बल्कि बाद में अपभ्रंश → प्राकृत → आधुनिक भारतीय भाषाओं के विकास क्रम में उत्पन्न हुईं।

विश्लेषण विकल्पवार

  • (a) ख, ग → ये ध्वनियाँ संस्कृत में भी विद्यमान थीं, अतः नवीन नहीं।
  • (b) उ, ऊ → ये भी प्राचीन संस्कृत स्वर हैं, नवीन नहीं।
  • (c) ऐ, औ → ये संयुक्त स्वर (diphthongs) हैं, जो संस्कृत में मूल रूप से नहीं थे। ये प्राकृत/अपभ्रंश काल में विकसित हुए और आधुनिक हिंदी में स्थायी हो गए।
  • (d) श, स → ये ध्वनियाँ संस्कृत में पहले से थीं, नवीन नहीं।

✅ सही उत्तर

(c) ऐ, औ
ये दोनों स्वर नवीन विकसित ध्वनियाँ माने जाते हैं।



12. निम्न में से कौन-सा घोष वर्ण है ?

(a) ख

(b) च

(c) म

(d) 어


बहुत अच्छा प्रश्न 👌

घोष वर्ण की परिभाषा

घोष वर्ण वे होते हैं जिनके उच्चारण में स्वरयंत्र (vocal cords) कंपन करते हैं।

  • सभी स्वर (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ) घोष होते हैं।
  • व्यंजनों में भी कुछ घोष होते हैं, जैसे: ग, ज, ड, द, ब, म, न, ल, र, व, य आदि।

विकल्पों का विश्लेषण

  • (a) ख → यह अघोष व्यंजन है।
  • (b) च → यह भी अघोष है।
  • (c) म → यह घोष व्यंजन है (उच्चारण में स्वरयंत्र कंपन करता है)।
  • (d) 어 → यह कोरियाई वर्ण है, हिंदी ध्वनि वर्गीकरण में नहीं आता।

✅ सही उत्तर

(c) म — यह एक घोष वर्ण है।



13. कौन-सा अमानक वर्ण है ?

(a) ख

(b) ध

(c) फ

(d) भ


बहुत अच्छा प्रश्न 👌

मानक और अमानक वर्ण

  • मानक वर्ण वे हैं जो संस्कृत से लेकर आधुनिक हिंदी तक निरंतर प्रयोग में रहे और शुद्ध ध्वनियों के रूप में मान्य हैं।
  • अमानक वर्ण वे हैं जो संस्कृत में नहीं थे, बाद में प्राकृत/अपभ्रंश से आए और हिंदी में स्थायी हुए, पर संस्कृत की दृष्टि से मानक नहीं माने जाते।

विकल्पों का विश्लेषण

  • (a) ख → संस्कृत में विद्यमान, मानक।
  • (b) ध → संस्कृत में विद्यमान, मानक।
  • (c) फ → संस्कृत में मूल रूप से (aspirated labial) नहीं था; यह अपभ्रंश/प्राकृत से आया। इसलिए इसे अमानक वर्ण माना जाता है।
  • (d) भ → संस्कृत में विद्यमान, मानक।

✅ सही उत्तर

(c) फ — यह हिंदी का अमानक वर्ण है।



14. हिन्दी में मूलतः वर्णों की संख्या कितनी है ?

(a) 50

(b) 51

(c) 52

(d) 53


सही उत्तर: (c) 52


विस्तृत व्याख्या

हिंदी में मूलतः 52 वर्ण माने जाते हैं। इनका विभाजन इस प्रकार है:

  • स्वर (13):
    अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, ऋ

  • व्यंजन (35):
    क, ख, ग, घ, ङ
    च, छ, ज, झ, ञ
    ट, ठ, ड, ढ, ण
    त, थ, द, ध, न
    प, फ, ब, भ, म
    य, र, ल, व
    श, ष, स, ह
    (ड़, ढ़ भी शामिल)

  • संयुक्त व्यंजन (4):
    क्ष, त्र, ज्ञ, श्र

👉 इस प्रकार कुल = 13 + 35 + 4 = 52 वर्ण


ध्यान देने योग्य तथ्य

  • कुछ पुस्तकों में लेखन और उच्चारण की दृष्टि से भिन्न संख्या दी जाती है (जैसे 45 या 50), लेकिन मानक हिंदी वर्णमाला में 52 वर्ण ही स्वीकृत हैं।
  • इसमें विदेशी ध्वनियाँ (जैसे फ़, ज़, ख़, ग़) को अलग से गिना जाता है, पर इन्हें मूल वर्णों में शामिल नहीं किया जाता।

ठीक है 👍
मैं आपको हिंदी वर्णमाला का एक सुस्पष्ट चार्ट दिखाता हूँ, जिसमें स्वर, व्यंजन और संयुक्त व्यंजन अलग-अलग व्यवस्थित हैं। इससे यह साफ़ हो जाएगा कि हिंदी में मूलतः 52 वर्ण क्यों माने जाते हैं।


📝 हिंदी वर्णमाला (52 वर्ण)

1. स्वर (13)

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, ऋ

2. व्यंजन (35)

क वर्ग: क, ख, ग, घ, ङ
च वर्ग: च, छ, ज, झ, ञ
ट वर्ग: ट, ठ, ड, ढ, ण
त वर्ग: त, थ, द, ध, न
प वर्ग: प, फ, ब, भ, म
अंतःस्थ: य, र, ल, व
उष्म: श, ष, स, ह
अमानक: ड़, ढ़

3. संयुक्त व्यंजन (4)

क्ष, त्र, ज्ञ, श्र


✅ कुल = 13 + 35 + 4 = 52 वर्ण


👉 विदेशी प्रभाव से आए वर्ण (फ़, ज़, ख़, ग़ आदि) को मूल वर्णमाला में नहीं गिना जाता, इन्हें अमानक/परिग्रहित माना जाता है।



15. 'क्ष' ध्वनि किसके अन्तर्गत आती है ?

(a) मूल स्वर

(c) सयुक्त वर्ण

(b) घोष वर्ण

(d) तालव्य


बहुत अच्छा प्रश्न 👌

विश्लेषण

  • (a) मूल स्वर → स्वर ध्वनियाँ हैं, ‘क्ष’ स्वर नहीं है।
  • (b) घोष वर्ण → घोष ध्वनियों में स्वरयंत्र का कंपन होता है। ‘क्ष’ घोष नहीं है।
  • (d) तालव्य → तालव्य ध्वनियाँ वे हैं जो तालु से उच्चरित होती हैं (ज, झ, च, छ, ञ)। ‘क्ष’ इनमें नहीं आता।
  • (c) संयुक्त वर्ण → ‘क्ष’ वास्तव में संयुक्त व्यंजन है, जो ‘क्’ + ‘ष’ के मेल से बना है।

✅ सही उत्तर

(c) संयुक्त वर्ण


ठीक है ✨
यह रहा हिंदी के संयुक्त वर्णों का चार्ट जिसमें उनके निर्माण और उच्चारण की प्रक्रिया भी दी गई है।


📊 हिंदी के संयुक्त वर्ण (4)

संयुक्त वर्ण निर्माण (संयोजन) उच्चारण विशेषता
क्ष क् + ष क और ष का संयुक्त उच्चारण; ‘क्श’ जैसा ध्वनि-संयोग
त्र त् + र त और र का संयुक्त उच्चारण; ‘त्र’ में त का स्पर्श और र का कंपन
ज्ञ ज् + ञ ज और ञ का संयुक्त उच्चारण; ‘ग्य’ या ‘ज्ञ’ जैसा ध्वनि-संयोग
श्र श् + र श और र का संयुक्त उच्चारण; ‘श्र’ में श का उष्म और र का कंपन

🗝️ मुख्य बिंदु

  • ये सभी संयुक्त व्यंजन हैं, जिन्हें संस्कृत से हिंदी में अपनाया गया।
  • इनका प्रयोग विशेष रूप से संस्कृतनिष्ठ शब्दों में होता है (जैसे क्षेत्र, त्रिकोण, ज्ञान, श्रद्धा)।
  • आधुनिक हिंदी में बोलचाल में इनका उच्चारण सरल हो जाता है (जैसे ज्ञान → ग्यान, क्षेत्र → खेतर)।


16. 'ज्ञ' वर्ण किन वर्णों के संयोग से बना है ?

(a) ज+ ञ

(b) ज् + ञ

(c) ज+ ध

(d) ज+ न्य


बहुत अच्छा प्रश्न 👌

विश्लेषण

  • (a) ज + ञ → यह सही उत्तर के बहुत करीब है, लेकिन इसमें ज् (हलन्त रूप) का उल्लेख नहीं है।
  • (b) ज् + ञ → यही सही उत्तर है। ‘ज्ञ’ वास्तव में ज् + ञ के संयोग से बना संयुक्त व्यंजन है।
  • (c) ज + ध → गलत।
  • (d) ज + न्य → गलत।

✅ सही उत्तर

(b) ज् + ञ


👉 ‘ज्ञ’ का उच्चारण संस्कृत में ज् + ञ (ज + ञ) के मेल से होता है, पर हिंदी बोलचाल में यह अक्सर ग्य या ज्य जैसा सुनाई देता है (जैसे ज्ञान → ग्यान)।


17. अघोष वर्ण कौन-सा है ?

(a) अ

(b) ज

(c) ह

(d) स


बहुत अच्छा प्रश्न 👌

घोष और अघोष की परिभाषा

  • घोष वर्ण: जिनके उच्चारण में स्वरयंत्र (vocal cords) कंपन करता है।
  • अघोष वर्ण: जिनके उच्चारण में स्वरयंत्र का कंपन नहीं होता।

विकल्पों का विश्लेषण

  • (a) अ → स्वर है, सभी स्वर घोष होते हैं।
  • (b) ज → घोष व्यंजन है।
  • (c) ह → यह भी घोष है (स्वरयंत्र कंपन करता है)।
  • (d) स → यह अघोष व्यंजन है, क्योंकि इसके उच्चारण में स्वरयंत्र का कंपन नहीं होता।

✅ सही उत्तर

(d) स — यह अघोष वर्ण है।


ठीक है ✨
यह रहा हिंदी वर्णमाला में घोष और अघोष वर्णों का तालिका रूप। इससे आपको एक ही जगह पर पूरी स्पष्टता मिल जाएगी।


📊 हिंदी वर्णमाला : घोष बनाम अघोष

घोष वर्ण (स्वरयंत्र कंपन होता है) अघोष वर्ण (स्वरयंत्र कंपन नहीं होता)
सभी स्वर: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, ऋ कोई स्वर अघोष नहीं होता
व्यंजन (घोष): ग, घ, ज, झ, ड, ढ, द, ध, ब, भ, म, न, य, र, ल, व, ह व्यंजन (अघोष): क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ, श, ष, स
संयुक्त घोष: ज्ञ, त्र (आंशिक), श्र संयुक्त अघोष: क्ष

🗝️ मुख्य बिंदु

  • स्वर हमेशा घोष होते हैं।
  • अघोष ध्वनियों में स्वरयंत्र का कंपन नहीं होता, केवल श्वास-धारा से ध्वनि निकलती है।
  • घोष ध्वनियों में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है (जैसे ग, ज, द, ब, म आदि)।
  • संयुक्त वर्णों में भी घोष-अघोष का भेद बना रहता है।


18. 'घ' का उच्चारण स्थान कौन-सा है ?

(a) मूर्द्धा

(b) कंठ

(c) तालु

(d) दंत

बहुत अच्छा प्रश्न 👌

उच्चारण स्थान का विश्लेषण

  • मूर्द्धा (तालु का ऊपरी भाग) → यहाँ ट, ठ, ड, ढ, ण जैसे मूर्धन्य वर्ण उच्चरित होते हैं।
  • कंठ (गला) → यहाँ क, ख, ग, घ, ङ जैसे वर्ण उच्चरित होते हैं।
  • तालु (palate) → यहाँ च, छ, ज, झ, ञ जैसे तालव्य वर्ण उच्चरित होते हैं।
  • दंत (teeth) → यहाँ त, थ, द, ध, न जैसे दन्त्य वर्ण उच्चरित होते हैं।

👉 ‘घ’ ध्वनि क वर्ग का व्यंजन है, और क वर्ग के सभी वर्ण कंठ्य (गले से उच्चरित) होते हैं।

✅ सही उत्तर

(b) कंठ — ‘घ’ का उच्चारण स्थान कंठ है।



19. इनमें संयुक्त व्यंजन कौन-सा है?

(a) द

(b) ज्ञ

(c) ङ

(d) इ


बहुत अच्छा प्रश्न 👌

विश्लेषण

  • (a) द → यह एक साधारण दन्त्य व्यंजन है, संयुक्त नहीं।
  • (b) ज्ञ → यह संयुक्त व्यंजन है, जो ज् + ञ के मेल से बना है।
  • (c) ङ → यह कंठ्य व्यंजन है, संयुक्त नहीं।
  • (d) इ → यह स्वर है, व्यंजन नहीं।

✅ सही उत्तर

(b) ज्ञ — यह संयुक्त व्यंजन है।



20. निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ण उच्चारण की दृष्टि से दंत्य नहीं है?

(a) त

(b) न

(c) द

(d) ट 


इस प्रश्न का उत्तर है 👉 (d) ट

व्याख्या 📝

  • दंत्य वर्ण वे होते हैं जिनका उच्चारण दाँतों (दंत) से होता है।
  • हिंदी में दंत्य वर्ण हैं: त, थ, द, ध, न
  • विकल्पों में:
    • (a) → दंत्य
    • (b) → दंत्य
    • (c) → दंत्य
    • (d) → यह मूर्धन्य (retroflex) वर्ण है, जिसका उच्चारण जीभ को तालु के पास मोड़कर किया जाता है।

निष्कर्ष

"ट" दंत्य नहीं है, बल्कि मूर्धन्य वर्ण है।



23. जिन शब्दों के अंत में 'अ' आता है, उन्हें क्या कहते हैं ?

(a) अनुस्वार

(b) अयोगवाह

(c) अंतःस्थ

(d) अकारांत


24. 'क्ष' वर्ण किसके योग से बना है ?

(a) क् + ष

(b) क् + च

(c) क् + छ

(d) क् + श


25. हिन्दी वर्णमाला में स्वरों की कुल संख्या कितनी है ?

(a) 10

(b) 11

(c) 12

(d) 13


26. निम्नलिखित में कौन स्वर नहीं है ?

(a) अ

(b) उ

(c) ए

(d) ञ


27. निम्नलिखित में कौन ट वर्ग नहीं है ?

(a) 어

(b) ढ

(c) ण

(d) घ


28. हिन्दी वर्णमाला में व्यंजनों की संख्या है-

(a) 32

(b) 34

(c) 33

(d) 36


29. निम्नलिखित में कौन-सा पश्च-स्वर है ?

(a) आ

(b) इ

(c) ज

(d) ढ


30. निम्नलिखित में से कौन अयोगवाह है ?

(a) विसर्ग

(b) महाप्राण

(c) संयुक्त व्यंजन

(d) अल्पप्राण


31. 'छ' ध्वनि का उच्चारण स्थान है-

(a) दन्त्य

(b) ओष्ठ्य

(c) तालव्य

(d) वर्त्य


32. निम्नलिखित में से कौन एक संयुक्त व्यंजन नहीं है ?

(a) क्ष

(b) ष

(c) त्र

(d) हा


33. तालव्य व्यंजन है-

(a) च, छ, ज, झ

(c) त, थ, द, ध

(b) ट, ठ, ड, ढ

(d) प, फ, ब, भ


34. य, र, ल, व किस वर्ग के व्यंजन हैं ?

(a) तालव्य

(b) ऊष्म

(c) अन्तःस्थ

(d) ओष्ठ्य


35. अनुनासिक का संबंध होता है-

(a) केवल नाक से

(b) केवल मुँह से

(c) नाक और मुँह दोनों से

(d) इनमें से कोई नहीं


36. अनुनामिक व्यंजन कौन-से होते हैं ?

(a) वर्ग के प्रथमाक्षर

(c) वर्ग के चतुर्धाक्षर

(b) वर्ग के तृतीयाक्षर

(d) वर्ग के पचमाक्षर


37. हिन्दी वर्णमाला में स्वरों की सख्या है-

(a) आठ

(b) नौ

(c) ग्यारह

(d) घौदाम


38. कंठ्योष्ठ्य ध्वनि का उदाहरण है-

(a) और

(b) ए

(c) क

(d) त


39. भाषा-निर्माण की इकाइयों का सही अनुक्रम है-

(a) शब्द, ध्वनि, वाक्य, पद

(c) पद, वाक्य, ध्वनि, शब्द

(b) शब्द, वाक्य. ध्वनि, पट

(d) ध्वनि, शब्द, पद, वाक्य


40. निम्नांकित में से उच्चारण स्थान के आधार पर कठ से लेका पुः विवर में उच्चरित व्यंजन ध्वनियों का सही अनुक्रम है-

(a) कंठ्य, तालव्य, वर्त्य, दंत्य, ओष्ठ्य

(b) तालव्य, कंठ्य, ओष्ठ्य, दंत्य, वर्त्य

(c) दंत्य, ओष्ठ्य, कंठ्य, वर्त्य, तालव्य

(d) ओष्ठ्य, वर्त्य, तालव्य, कंठ्य, दंत्य


41. प्रयत्न के आधार पर 'ल' किस प्रकार की ध्वनि है ?

(a) पार्श्विक

(b) उत्क्षिप्त

(c) प्रकंपित

(d) संघर्षहीन


✅ उत्तर व व्याख्या


1. भाषा की सबसे छोटी इकाई → (d) वर्ण  

   - ध्वनि की सबसे छोटी इकाई वर्ण कहलाती है। शब्द तो कई वर्णों से बनता है।  


2. वर्णमाला कहते हैं → (d) वर्णों के व्यवस्थित समूह को  

   - वर्णों को क्रमबद्ध करके जो सूची बनती है, वही वर्णमाला है।  


3. कंठ्य ध्वनियाँ → (a) क, ख  

   - कंठ से उच्चरित ध्वनियाँ कंठ्य कहलाती हैं।  


4. मूर्धन्य व्यंजन → (c) ड, ढ  

   - जीभ की अग्र भाग को मूर्धा (तालु के पीछे का भाग) से लगाकर बोले जाते हैं।  


5. 'अल्पप्राण' वर्ण → (b) क, ग  

   - जिनमें श्वास का बल कम होता है, वे अल्पप्राण कहलाते हैं।  


6. 'नासिक्य' व्यंजन → (b) ञ  

   - जिनका उच्चारण नाक से होता है।  


7. 'ए', 'ऐ' → (d) कंठ-तालव्य  

   - ये स्वर कंठ और तालु दोनों से उच्चरित होते हैं।  


8. 'अयोगवाह' वर्ण → (d) अं, अः  

   - अनुस्वार (अं) और विसर्ग (अः) को अयोगवाह कहते हैं।  


9. द्वित्व व्यंजन वाला शब्द → (c) दिल्ली  

   - इसमें ‘ल्’ का द्वित्व है।  


10. 'श', 'ष', 'स', 'ह' → (c) संघर्षी  

   - ये ऊष्म व्यंजन हैं, जिन्हें संघर्षी भी कहा जाता है।  


11. नवीन विकसित ध्वनियाँ → (c) ऐ, औ  

   - ये स्वर बाद में विकसित हुए।  


12. घोष वर्ण → (c) म  

   - घोष वर्ण वे हैं जिनमें स्वरयंत्र कंपन करता है।  


13. अमानक वर्ण → (c) फ  

   - ‘फ’ संस्कृत में मानक नहीं, बाद में आया।  


14. 'क्र', 'ग', 'ज', 'फ़' → (b) अरबी-फारसी की  

   - ये ध्वनियाँ अरबी-फारसी से आईं।  


15. हिन्दी में मूलतः वर्णों की संख्या → (a) 50  

   - परंपरागत रूप से 50 वर्ण माने जाते हैं।  


16. 'क्ष' ध्वनि → (c) संयुक्त वर्ण  

   - यह ‘क् + ष’ से बना है।  


17. 'क्ष' का क्रम → (b) छ  

   - हिन्दी शब्दकोश में ‘छ’ के बाद ‘क्ष’ आता है।  


18. 'ज्ञ' वर्ण → (b) ज् + ञ  

   - यह संयुक्त व्यंजन है।  


19. अघोष वर्ण → (d) स  

   - अघोष में स्वरयंत्र कंपन नहीं होता।  


20. 'घ' का उच्चारण स्थान → (b) कंठ  

   - ‘घ’ कंठ्य व्यंजन है।  


21. संयुक्त व्यंजन → (b) ज्ञ  

   - यह दो वर्णों के संयोग से बना है।  


22. दंत्य नहीं है → (d) ट  

   - ‘ट’ मूर्धन्य है, दंत्य नहीं।  


23. अंत में ‘अ’ वाले शब्द → (d) अकारांत  

   - जैसे ‘राम’, ‘घर’।  


24. 'क्ष' वर्ण → (a) क् + ष  

   - यही इसका संयोग है।  


25. स्वरों की कुल संख्या → (b) 11  

   - हिन्दी में 11 स्वर माने जाते हैं।  


26. स्वर नहीं है → (d) ञ  

   - यह व्यंजन है।  


27. ट वर्ग नहीं है → (d) घ  

   - ‘घ’ क वर्ग का है।  


28. व्यंजनों की संख्या → (c) 33  

   - हिन्दी में 33 व्यंजन माने जाते हैं।  


29. पश्च-स्वर → (a) आ  

   - आ का उच्चारण पीछे से होता है।  


30. अयोगवाह → (a) विसर्ग  

   - अं और अः अयोगवाह हैं, यहाँ विसर्ग पूछा गया है।  


31. 'छ' का उच्चारण स्थान → (c) तालव्य  

   - जीभ तालु से लगती है।  


32. संयुक्त व्यंजन नहीं है → (b) ष  

   - यह अकेला व्यंजन है।  


33. तालव्य व्यंजन → (a) च, छ, ज, झ  

   - तालु से उच्चरित होते हैं।  


34. य, र, ल, व → (c) अन्तःस्थ  

   - ये अंतःस्थ व्यंजन हैं।  


35. अनुनासिक → (c) नाक और मुँह दोनों से  

   - ध्वनि नाक और मुँह दोनों से निकलती है।  


36. अनुनासिक व्यंजन → (b) वर्ग के तृतीयाक्षर  

   - जैसे ‘ङ’, ‘ञ’, ‘ण’, ‘न’, ‘म’।  


37. हिन्दी में स्वरों की संख्या → (c) ग्यारह  

   - परंपरागत रूप से 11 स्वर।  


38. कंठ्योष्ठ्य ध्वनि → (a) ओ  

   - ‘ओ’ का उच्चारण कंठ और ओष्ठ दोनों से होता है।  


39. भाषा-निर्माण का सही अनुक्रम → (d) ध्वनि, शब्द, पद, वाक्य  

   - यही क्रम है।  


40. उच्चारण स्थान का सही अनुक्रम → (a) कंठ्य, तालव्य, मूर्धन्य, दंत्य, ओष्ठ्य  

   - यही क्रम है।  


41. 'ल' ध्वनि प्रयत्न के आधार पर → (a) पार्श्विक  

   - ‘ल’ पार्श्विक ध्वनि है।  


🎯 सारांश

- वर्ण = सबसे छोटी इकाई  

- स्वर = 11  

- व्यंजन = 33  

- अयोगवाह = अं, अः  

- संयुक्त व्यंजन = क्ष, त्र, ज्ञ  

- अनुनासिक = वर्ग के तृतीयाक्षर  


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