हिंदी के प्रमुख उपन्यास - 2
- विष्णु प्रभाकर -- निशिकांत, तट के बंधन, अर्द्धनारीश्वर, स्वप्नमयी
- नरेश मेहता -- प्रथम फाल्गुन, डूबते मस्तूल, धूमकेतु, नदी यशस्वी है, यह पथबंधु था, उत्तरकथा
- रामेश्वर शुक्ल 'अंचल'--चढ़ती धूप, नयी इमारत, उल्का, मरुप्रदीप
- कमलेश्वर --एक सड़क 57 गलियाँ, लौटे हुए मुसाफिर, डाक बँगला, काली आँधी, समुद्र में खोया हुआ आदमी, सुबह दोपहर शाम, तीसरा आदमी, एक और चन्द्रकान्ता, कितने पाकिस्तान
- प्रभाकर माचवे -- परंतु, साया, द्वाभा, दर्द के पैवंद
- मोहन राकेश -- अँधेरे बंद कमरे, न आने वाला कल, नीली बाँहों की रोशनी में, काँपता हुआ दरिया, कई एक अकेले, अंतराल
निर्मल वर्मा -- वे दिन, लाल टीन की छत, रात का रिपोर्टर, एक चिथड़ा सुख, अंतिम अरण्य
- मन्नू भंडारी -- महाभोज, आपका बंटी, एक इंच मुसकान (सहयोगी लेखक राजेंद्र यादव)
- मार्कण्डेय -- सेमल का फूल
- उषा प्रियंवदा--पचपन खम्भे लाल दीवारें, रुकोगी नहीं राधिका
- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना -- सोया हुआ जल, पागल कुत्तों का मसीहा, अँधेरे पर अँधेरा, उड़ते हुए रंग
- भीष्म साहनी -- तमस, झरोखे, कड़ियाँ, बसंती, मय्यादास की माड़ी
- शरतचंद्र -- देवदास, श्रीकांत, चरित्रहीन, गृहदाह, परिणीता, पथ के दावेदार
- नरेंद्र कोहली --दीक्षा, अवसर, युद्ध की ओर, अभिज्ञान शानी--काला जल, साँप और सीढ़ी, नदियाँ और सीपियाँ
- राही मासूम रजा -- आधा गाँव, सीन-75, असंतोष के दिन, ओस की बूँद, नीम का पेड़, कटरा बी आर्जू
- श्रीलाल शुक्ल--राग दरबारी, सीमाएँ टूटती हैं आदमी का जहर, अज्ञातवास
- हरिशंकर परसाई --रानी नागमती की कहानी, तट की खोज
- लक्ष्मीकांत वर्मा -- टेराकोटा, खाली कुर्सी की आत्मा, एक कटा हुआ कागज, कोयल और आवृत्तियाँ
- श्रीकांत वर्मा -- दूसरी बार
- राजकमल चौधरी--मछली मरी हुई, एक अनार एक बीमार, शहर था- शहर नहीं था
- लक्ष्मी नारायण लाल-बड़ी चंपा छोटी चंपा, मन वृंदावन, काले फूले का पौधा, हरा समंदर-गोपी चंदर, धरती की आँखें, रूपाजीवा, प्रेम अपवित्र नदी
- मनोहर श्याम जोशी--कुरु कुरु स्वाहा, कसप, नेता जी कहिन, क्या
- देवराज --पथ की खोज, अजय की डायरी, मैं, वे और आप, रोड़े और पत्थर
- कृष्णा सोबती -- सूरजमुखी अँधेरे के, जिंदगीनामा, हम हशमत, मित्रो मरजानी, यारों के यार, डार से बिछुड़ी, दिलो दानिश
- महेंद्र भल्ला--एक पति के नोट्स
- गिरिराज किशोर--यथा प्रस्तावित, ढाई घर, चिड़ियाघर, साहब, मात्राएँ
- मणि मधुकर -- सफेद मेमने, मेरी स्त्रियाँ, खुले हुए दरीचे
- मंजुल भगत--अनारो, लेडी क्लब
- दुष्यंत कुमार --छोटे-छोटे सवाल, दोहरी जिंदगी, आँगन में एक वृक्ष
शैलेश मटियानी -- सर्पगंधा, मुठभेड़, आकाश कितना अनंत है, डेरेवाले, बावन नदियों का संगम, चंद औरतों का शहर, किस्सा नर्मदा बेन गंगूबाई, बोरीबली से बोरीबंदर तक, उगते सूरज की किरण
भैरव प्रसाद गुप्त -- गंगा मैया, सत्ती मैया का चौरा
शिवप्रसाद सिंह 'रुद्र' बहती गंगा, अलग-अलग वैतरणी
देवेंद्र सत्यार्थी -- रथ के पहिए, कठपुतली, दूधगाछ, ब्रह्मपुत्र
विमल मित्र --हम चाकर रघुनाथ के, कैसे-कैसे सच, मन क्यों
उदास है, मुजरिम हाजिर
जगदंबा प्रसाद दीक्षित --मुर्दाधर
रघुवंश -- अर्थहीन
बदी उज्जमां-- एक चूहे की मौत, सभापर्व, छाको की वापसी




Comments
Post a Comment