Ugc net 2010 2nd paper
अष्टछाप के कवियों में प्रथम नियुक्त कीर्तनकार कवि थे
- कुंभनदास
जायसीकृत 'पद्मावत' है
- रूपक काव्य
'बसो मेरे नैनन में नन्दलाल' पंक्ति है
- मीराबाई की
अमिय हलाहल मदभरे श्वेत स्याम रतनार।
जियत मरत झुकि झुकि परत जेहि चितवत एक बार ।।
– पंक्तियाँ हैं
- रसलीन की
'बरवै रामायण' रचना है
- तुलसीदास की
भरतमुनि के रससूत्र में स्थायीभाव, विभाव, अनुभाव तथा व्यभिचारी भाव में से उल्लेख नहीं है
- स्थायीभाव का
'साधारणीकरण' संकल्पना के उद्गाता हैं
- भट्टनायक
शब्द की द्वयर्थी योजना से अलंकार होता है
- वक्रोक्ति
'काशिका' कहा गया है
- बनारस की बोली को
उड़िया, बंगला, असमिया तथा कन्नड़ में से द्रविड़ परिवार की भाषा है
- कन्नड़
'हिंदी प्रदीप' पत्रिका के संपादक हैं
- बालकृष्ण भट्ट
'तोड़ने ही होंगे मठ और गढ़ सब' पंक्ति है
- मुक्तिबोध की
'आवारा मसीहा' रचना है
– विष्णु प्रभाकर की
पशु-पक्षियों पर लिखित महादेवी वर्मा का रेखाचित्र संकलन है
- मेरा परिवार
रामचन्द्र शुक्ल की आलोचनात्मक कृति है
- रसमीमांसा
मनोविश्लेषणात्मक शैली के उपन्यासकार हैं
- इलाचन्द्र जोशी
'निउनिया' उपन्यास का पात्र है
- बाणभट्ट की आत्मकथा
देवनागरी लिपि की उत्पत्ति हुई है
'ठेले पर हिमालय' रचना है
- ब्राह्मी से
- निबंध विधा की
'वन्दे वाणी विनायकौ' निबंध संकलन के रचयिता हैं
- रामवृक्ष बेनीपुरी
कालखण्ड की दृष्टि से कहानियों का सही अनुक्रम है
- रानी केतकी की कहानी (1803 ई.), उसने कहा था (1915 ई.), शरणागत (1918 ई.), तिरिछ (1986 ई.)
प्रकाशन काल के अनुसार रेखाचित्रों का सही अनुक्रम है
- अतीत के चलचित्र (1941 ई.), माटी की मूरतें (1946 ई.),
अमिट रेखाएँ (1951 ई.), कुछ शब्द कुछ रेखाएँ (1965 ई.)
निराला की रचनाओं का सही अनुक्रम है
- अनामिका (1923 ई.), परिमल (1930 ई.), गीतिका (1936
ई.), कुकुरमुत्ता (1943 ई.)
आचार्यों और उनके सिद्धान्तों के साथ सुमेलन हैं-
(a) भट्ट लोल्लट
(b) शंकुक
(c) भट्ट नायक
(d) अभिनव गुप्त
उत्पत्तिवाद
अनुमितिवाद
भुक्तिवाद
अभिव्यक्तिवाद
नोट-यूजीसी द्वारा पूछे गये इस प्रश्न में मुक्तिवाद दिया है, जबकि प्रश्न विकल्प के अनुसार भुक्तिवाद होना चाहिए, जिसके प्रवर्तक भट्ट
नायक हैं।
सुमेलन हैं-
ग्रन्थकार
(a) इलियट
(b) वर्ड्सवर्थ
(c) लोंगिनुस
(d) अरस्तू
सुमेलन हैं-
रचनाकार
(a) अज्ञेय
(b) किशन
पटनायक
(c) केदारनाथ सिंह
(d) अनामिका
ग्रन्थ
दि वेस्ट लैंड
लिरिकल बैलड्स
पेरिइप्सुस
पेरिपोइ तिकेस
रचना
संवत्सर
विकल्पहीन नहीं है दुनिया
कब्रस्तान में पंचायत
स्त्रीत्व मानचित्र
सुमेलन हैं-
कवि
कृति
(a) केदारनाथ सिंह
अकाल में सारस
(b) ज्ञानेन्द्र पति
संशयात्मा
(c) भारतभूषण अग्रवाल
अग्निलीक
(d) कुँवर नारायण
आत्मजयी
सुमेलन हैं-
सम्पादक
(a) अखिलेश
पत्रिका
तद्भव
(b) नमिता सिंह
वर्तगान साहित्य
(c) राजेन्द्र कुमार
बहुवचन
(वर्तमान में अशोक मिश्र)
(d) प्रभाकर श्रोत्रिय
पूर्वग्रह
नोट-प्रश्नकाल में राजेन्द्र कुमार बहुवचन पत्रिका के सम्पादक थे। वर्तमान में इस पत्रिका के सम्पादक अशोक मिश्र हैं।
सुमेलन हैं-
कहानी
कहानीकार
(a) सद्गति
प्रेमचन्द
(b) बिसाती
प्रसाद
(c) दो बाँके
भगवतीचरण वर्मा
(d) पाजेब
जैनेन्द्र
गुमेलन हैं-
पंक्तियाँ
कवि
(a) सेस महेस गनेस दिनेस
रसखान
(b) मन लेत पै देत छटाँक नहीं
घनानन्द
(c) जैसे उड़ि जहाज को पंछी
सूर दास
(d) गिरा अनयन नयन बिनु बानी
तुलसीदास
सुमेलन हैं-
रचना
विधा
(a) शब्द और मनुष्य
आलोचना
(b) काशी का अस्सी
उपन्यास
(c) इला
नाटक
(d) पैरों में पंख बाँधकर
यात्रा-वर्णन
उपन्यासों का उनके पात्रों के साथ सुमेलन हैं-
उपन्यास
पात्र
(a) रंगभूमि
सोफिया
(b) झूठा-सच
तारा
(c) त्यागपत्र
मृणाल
(d) अँधेरे बंद कमरे
नीलिमा
सुमेलन हैं-
पात्र
नाट क
(a) देवसेना
स्कंदगुप्त
(b) विशु
कोणार्क
(c) गांधारी
अंधायुग
(d) सावित्री
आधे अधूरे
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