बीसलदेव रासो

बीसलदेव रासो :

- बीसलदेव रासो के रचयिता नरपति नाल्ह हैं। 

- नरपति नाल्ह राजस्थान के प्रसिद्ध कवि थे और डिंगल के जाने-माने कवि माने जाते हैं। 

- बीसलदेव रासो की रचना संवत् 1212 बिक्रमी में हुई थी। 

- यह पुरानी पश्चिमी राजस्थानी भाषा में लिखी गई एक सुप्रसिद्ध रचना है. 

- बीसलदेव रासो में राजा बीसलदेव के नाम पर काव्य रचना की गई है, लेकिन काव्य का केंद्र बिन्दु राजमती है। 

- इसमें भोज परसार की पुत्री राजमती और अजमेर के चौहान राजा बीसलदेव तृतीय के विवाह, वियोग, और पुनर्मिलन की कहानी सरस शैली में प्रस्तुत की गई है। 

- बीसलदेव रासो में इतिहास और कल्पना का योग है। 

- नरपति नाल्ह ने अपनी रचना में कहीं पर स्वयं को 'नरपति' लिखा है और कहीं पर 'नाल्ह'।  

- ऐसा हो सकता है कि 'नरपति' उनकी उपाधि रही हो और 'नाल्ह' उनका नाम हो.


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