हिंदी के प्रमुख जीवनी परक उपन्यास
हिंदी के प्रमुख जीवनी परक उपन्यास:
· "भारती का
सपूत"- 1954 ई. -रांगेय राघव - भारतेन्दु
हरिश्चन्द्र पर, हिन्दी में प्रथम जीवनीपरक उपन्यास
· "रत्ना की
बात"- 1957 ई. - रांगेय राघव, तुलसी के जीवन पर
· "लोई का
ताना"- 1974ई. - रांगेय राघव, कबीर के जीवन पर
· मानस
का हंस - 1974ई.- अमृतलाल नागर, तुलसीदास के जीवन पर – NET(2018)
· मेरी
भव बाधा हरौ" - 1976-
रांगेय राघव, बिहारी के जीवन पर
· धूनी
का धुआँ" - 1978 ई.- रांगेय राघव, गोरखनाथ के जीवन पर
· यशोधरा
जीत गई" - रांगेय राघव, भगवान बुद्ध के जीवन पर
· देवकी
का बेटा -रांगेय राघव, कृष्ण जी के जीवन पर
· "खंजन नयन"
- 1981- अमृतलाल नागर, सूरदास के जीवन पर (NET, LT TET)
· पहला
गिरमिटिया" - 1999ई.- गिरिराज किशोर, गांधी जी के जीवन पर, (NET, LT TET)
· सूत्रधार"
- 2003 ई. – संजीव,
भिखारी ठाकुर के जीवन पर
· तोड़ो
कारा तोड़ो" - 2004ई. - नरेन्द्र कोहली, विवेकानंद जी के जीवन पर
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