हिंदी साहित्य प्रश्नोत्तरी - 8
21. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ?
(अ) रीतिबद्ध धारा के कवियों ने लक्षण ग्रन्थों की रचना की है।
(ब) रीतिबद्ध धारा के कवियों को आचार्य कवि कहा जाता है।
(स) बिहारी रीतिसिद्ध धारा के प्रतिनिधि कवि है।
(द) केशव रीतिमुक्त धारा के कवि है।
22. काव्य प्रयोजन के सन्दर्भ में कौन-सा कथन असत्य है ?
(अ) काव्य प्रयोजन से तात्पर्य काव्य रचना के उद्देश्य से होता है
(ब) काव्य रचना में रचनाकार का कोई उद्देश्य निहित नहीं होता है
(स) भरतमुनि ने धर्म, यश, आयु का साधक, हितकारक आदि को काव्य प्रयोजन माना
(द) काव्य प्रयोजन का मुख्य उद्देश्य धर्मार्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति रहा है
23. भट्टनायक के अनुसार, रस न तो प्रतीत होता है, न उत्पन्न होता है और न ही अभिव्यक्त होता है। भट्टनायक के रस सूत्र सम्बन्धी मत को क्या कहा जाता है ?
(अ) अभिव्यक्तिवाद (ब) उत्पत्तिवाद
(स) भोगवाद (द) अनुमितिवाद
24. ’काव्य गुण’ के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है ?
(अ) दोषों का विपर्यय ही गुण होते हैं
(ब) भरतमुनि ने अपने ग्रन्थ में तीन काव्य गुणों की चर्चा की है
(स) गुण तीन होते हैं- माधुर्य, ओज तथा प्रसाद
(द) गुण को चित्तवृति का पर्याय भी माना जाता है
25. ’’नैसर्गिकी च प्रतिभा श्रुतं च बहु निर्मलम्।
आनन्दाश्चयाभियोगो अस्याः कारणं काव्य सम्पदा।।’’
काव्य हेतु के सन्दर्भ में यह मत किसने दिया ?
(अ) आचार्य रुद्रट (ब) आचार्य वामन
(स) आचार्य दण्डी (द) आचार्य कुन्तक
26. साधारणीकरण के विषय में कौन-सा कथन सही
है ?
(क) साधारणीकरण रसास्वाद के बाद की प्रक्रिया है।
(ख) साधारणीकरण आलम्बनत्व धर्म का होता है।
(ग) साधारणीकरण के लिए भोजकत्व व्यापार अनिवार्य है।
(घ) साधारणीकरण के बिना भी रसानुभूति सम्भव है।
कूटः
(अ) क और ख (ब) क और ग
(स) ख और ग (द) ग और घ
27. रचनाकाल के अनुसार निम्नलिखित आचार्यों का सही अनुक्रम है-
(अ) हेमचन्द्र, शंकुक, भोजराज, शारदातनय
(ब) शंकुक, हेमचन्द्र, भोजराज, शारदातनय
(स) शारदातनय, भोजराज, हेमचन्द्र, शंकुक
(द) भोजराज, शंकुक, हेमचन्द्र, शारदातनय
28. स्थापना (क) रस ज्ञान द्वारा ग्राह्य होता है।
तर्क (ख) क्योंकि हृदय की अनुभूति के साथ उसकी बौद्धिक सत्ता भी होती है।
कूटः
(अ) क गलत, ख सही (ब) क सही, ख गलत
(स) क गलत, ख गलत (द) क सही, ख सही
29. रचनाकाल के आधार पर निम्नलिखित ग्रन्थों का सही अनुक्रम है-
(अ) ध्वन्यालोक, काव्यमीमांसा, काव्यदर्श, साहित्य दर्पण
(ब) काव्यादर्श, ध्वन्यालोक, काव्यमीमांसा, साहित्य दर्पण
(स) काव्यादर्श, काव्यमीमांसा, ध्वन्यालोक, साहित्य दर्पण
(द) ध्वन्यालोक, काव्यादर्श, साहित्य दर्पण, काव्यमीमांसा
30. स्थापना (क) मनुष्य की रागात्मक प्रवृत्ति उसे सामाजिक बन्धनों से मुक्त होने के लिए प्रेरित करती है।
तर्क (ख) क्योंकि समाज मनुष्य की रागात्मकता को स्वीकार नहीं करता।
कूटः
(अ) क सही, ख गलत (ब) क सही, ख सही
(स) क गलत, ख सही (द) क गलत, ख गलत
✅ उत्तरमाला 👇👇
21 द 22 ब 23 स 24 ब 25 स
26 स 27 ब 28 स 29 ब 30 अ
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