हिंदी साहित्य वन लाइनर -18
हिंदी साहित्य वन लाइनर -18
👍 जीवनीपरक आलोचना 'महाप्राण निराला' एवम 'महीयसी महादेवी' किसने लिखी - गंगाप्रसाद पांडेय
👉 'छायावाद के आधार स्तंभ' नामक पुस्तक किसकी है - गंगा प्रसाद पांडेय
👉 जवाहर लाल : एक मध्य बिंदु, नेहरू जी : विचार और व्यक्तित्व, नेहरू की काव्यानुभूतियाँ नामक निबन्ध किसने लिखे - शांतिप्रिय द्विवेदी
👉छायावाद को "करुणा की छाया में सौंदर्य के माध्यम से व्यक्त होने वाला भावात्मक सर्ववाद" किसने कहा - महादेवी वर्मा
👉 अरविंद दर्शन एवम अंतश्चेतनावाद का प्रभावी विश्लेषण पन्त के किस भूमिका में प्रकट होती है - उत्तरा की
👉 किस छायावादी कवि ने कविकर्म को आध्यात्मिक कर्म बताया है - जयशंकर प्रसाद
👉"नयी कविता यदि अनुभूति को आधार मानकर चलती है तो रस से उसकी मुक्ति नहीं है" किस आलोचक का कथन है - डॉ नागेंद्र
👉 "उर्मिला के विरह में मानवता की पुकार है - यह अधिक स्वाभविक है। साथ ही गरिमा की न्यूनता नहीं है, वह विश्वव्यापी है" कथन किसका है - डॉ नगेन्द्र
👉 समित्रानंदन पंत आलोचना के क्षेत्र में किसकी पहली पुस्तक है - डॉ नगेन्द्र
👉 "सूरदास की राधा केवल विलासिनी नहीं है। श्री कृष्ण के साथ उनका केवल युवा काल का सम्बंध नहीं है, वे परकीया नायिका भी नहीं है" कथन किस आलोचक का है - हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
👉 "साहित्य समीक्षा अंततः विचार जगत की वस्तु है" - नन्द दुलारे वाजपेयी
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